{"_id":"586b738a4f1c1b4d56159128","slug":"punjabi-university-contracts-of-teachers-picket-regularly-seeking-to-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू के कांट्रैक्ट टीचरों ने दिया वीसी दफ्तर के आगे धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू के कांट्रैक्ट टीचरों ने दिया वीसी दफ्तर के आगे धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 03 Jan 2017 03:19 PM IST
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी मांग को लेकर पंजाबी यूनिवर्सिटी की कांट्रैक्ट टीचर्स एसोसिएशन ने वीसी दफ्तर के सामने धरना दिया। इस मौके पर एसोसिएशन के प्रधान डा. लवदीप शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार उच्च शिक्षा के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपना रही।
पिछले दो दशक से उच्च शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार की ओर से पंजाब इंप्लाइज वेलफेयर एक्ट 2016 पास किया गया पर इस एक्ट में उच्च शिक्षा के अध्यापक वर्ग के प्रति सरकार अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वह कई बार उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को मिल चुके हैं।
उन्होंने उच्च शिक्षा में काम करते हुए कर्मचारियों को एक्ट के अधीन नियमित करने का विश्वास दिलाया। दूसरी ओर यूनिवर्सिटी इस एक्ट के अधीन आने वाले कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठा रही। जत्थेबंदी नेता डा. जगपाल सिंह मान ने कहा कि यूनिवर्सिटी अथॉरिटी को अध्यापकों की सेवाएं नियमित करने के लिए कई बार मांग पत्र दिया जा चुका है।
विज्ञापन
अब तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कांट्रैक्ट टीचरों की सेवाओं को नियमित तो क्या करना था, रजिस्ट्रार ने उनको दी गई सुविधाओं और छुट्टियों में कटौती करने का तुगलकी फैसला सुना दिया है। डा. रणजीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में खोले गए कालेज में काम करने वाले कांट्रैक्ट अध्यापकों की ओर एकदम ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
पिछले दो दशक से उच्च शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार की ओर से पंजाब इंप्लाइज वेलफेयर एक्ट 2016 पास किया गया पर इस एक्ट में उच्च शिक्षा के अध्यापक वर्ग के प्रति सरकार अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वह कई बार उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को मिल चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने उच्च शिक्षा में काम करते हुए कर्मचारियों को एक्ट के अधीन नियमित करने का विश्वास दिलाया। दूसरी ओर यूनिवर्सिटी इस एक्ट के अधीन आने वाले कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठा रही। जत्थेबंदी नेता डा. जगपाल सिंह मान ने कहा कि यूनिवर्सिटी अथॉरिटी को अध्यापकों की सेवाएं नियमित करने के लिए कई बार मांग पत्र दिया जा चुका है।
विज्ञापन
अब तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कांट्रैक्ट टीचरों की सेवाओं को नियमित तो क्या करना था, रजिस्ट्रार ने उनको दी गई सुविधाओं और छुट्टियों में कटौती करने का तुगलकी फैसला सुना दिया है। डा. रणजीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में खोले गए कालेज में काम करने वाले कांट्रैक्ट अध्यापकों की ओर एकदम ध्यान नहीं दिया जा रहा है।