कोयला संकट: पंजाब में रोज तीन घंटे तक होगी बिजली कटौती, 13 अक्तूबर तक चलेगा सिलसिला
पॉवरकॉम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए वेणुप्रसाद ने रविवार को कहा कि पंजाब में थर्मल पॉवर प्लांट आधी से भी कम क्षमता पर काम कर रहे हैं क्योंकि राज्य को सामान्य जरूरत 22 की तुलना में सिर्फ 11 रैक कोयला मिला है।
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कोयले की भारी कमी के कारण पंजाब में आगामी 13 अक्तूबर तक प्रतिदिन तीन घंटे तक बिजली कटौती होगी। बिजली कटौती के कारण पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पॉवरकॉम) ने अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता कम करते हुए पूरे प्रदेश में बिजली कटौती शुरू कर दी है।
सरकारी पॉवर प्लांट पॉवरकॉम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए वेणुप्रसाद ने रविवार को कहा कि पंजाब में थर्मल पॉवर प्लांट आधी से भी कम क्षमता पर काम कर रहे हैं क्योंकि राज्य को सामान्य जरूरत 22 की तुलना में सिर्फ 11 रैक कोयला मिला है। उन्होंने आगे कहा कि निजी थर्मल प्लांट्स में सिर्फ डेढ़ दिन वहीं सरकारी थर्मल प्लांट्स में सिर्फ चार दिन का स्टोक बचा है।
राज्य के शहरों में हालांकि छह घंटे तक की बिजली कटौती हो रही हैं और शनिवार सुबह पटियाला, अमृतसर, फिरोजपुर, बरनाला, संगरूर और भटिंडा में चार घंटे तक बिजली कटौती हुई। बढ़ते तापमान और धान की बुआई के सीजन से बिजली की बढ़ती मांग के कारण राज्य पिछले कुछ महीनों से बिजली संकट का सामना कर रहा है। पॉवरकॉम के अनुसार, 15 अक्तूबर से कोयला संकट कुछ कम होने की उम्मीद है, जिससे बिजली कटौती में कमी आएगी।
कई यूनिट बंद, कुछ को आधी क्षमता से चलाया जा रहा
नियमों के मुताबिक थर्मल प्लांट में 25 से 30 दिन का कोयला होना जरूरी है। कोयले की इस भारी कमी के मद्देनजर पावरकॉम ने रोपड़ की चार में से दो और लहरा मुहब्बत की एक यूनिट को बंद कर दिया गया है। वहीं शनिवार को तलवंडी साबो की भी एक यूनिट बंद कर दी गई है। अब तलवंडी साबो प्लांट की दो यूनिट को आधी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। इसी तरह से गोइंदवाल साहिब की दोनों यूनिटों को आधी क्षमता पर कर दिया गया है।
उत्पादन कम, खपत ज्यादा
पावरकॉम को शुक्रवार के 3,488 मेगावाट के मुकाबले शनिवार को प्राइवेट थर्मल प्लांटों से 2,297 मेगावाट बिजली ही मिली, जबकि सरकारी थर्मलों से मात्र 934 मेगावाट और हाइडल से 228 मेगावाट बिजली मिली। शनिवार को बिजली की मांग 8,000 मेगावाट के करीब रही। बिजली उत्पादन कम होने के कारण पावरकॉम को बाहर से 3,000 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। खास बात यह है कि पावरकॉम बाहर से 6,800 मेगावाट तक बिजली खरीद सकता है लेकिन इन दिनों पूरे देश में ही कोयले के संकट की वजह से बिजली पैदावार कम हो रही है। इसलिए बाहर से कम बिजली मिल पा रही है।
गांवों में चार घंटे तक की कटौती
मांग के मुकाबले बिजली की उपलब्धता कम होने के कारण पावरकॉम को कट लगाने पड़े। शहरों में जहां दो से तीन घंटे तक के कट लगे, वहीं गांवों में तीन से चार घंटे की बिजली कटौती का लोगों को सामना करना पड़ा। उधर, इस गंभीर संकट को देखते हुए पावरकॉम ने उपभोक्ताओं से बिजली की बचत के लिए एसी बंद करने और लाइटों व अन्य बिजली उपकरणों का संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बिजली के लंबे कट के लिए लोग तैयार रहें।