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कैद करके महिला से दुराचार के आरोपों से पूर्व मेयर का समधी बरी
अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 22 Apr 2014 10:22 PM IST
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महिला को अपने घर में कैद करके उसके साथ दुराचार करने के आरोपों से पूर्व अकाली मेयर जसपाल सिंह प्रधान के समधी अमरजीत सिंह सोढी को मंगलवार बरी कर दिया गया। एडिशनल सेशन जज जतिंदर कौर की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
सोढी के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि 12 जुलाई, 2013 को 32 साल की एक महिला ने त्रिपड़ी थाना पुलिस के पास पूर्व अकाली मेयर जसपाल सिंह प्रधान के समधी अमरजीत सिंह सोढी के खिलाफ उसे लोन देने के बहाने हरिंदर नगर स्थित अपने घर बुलाकर दुराचार करने के आरोप लगाए थे।
पुलिस ने सोढी के खिलाफ कैद करके दुराचार करने के आरोप के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि बाद में महिला कोर्ट में अपने पहले दिए बयान से पलट गई थी। महिला ने कहा था कि उस पर जसपाल प्रधान ने दबाव डलवा कर सोढी के खिलाफ बयान दिलवाया था। सोढी ने उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की। वह तो त्रिपड़ी थाने में अपने पर्स चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने गई थी। वहां अचानक पूर्व मेयर उसे मिल गया और उस पर सोढी के खिलाफ साजिश के तहत केस दर्ज कराने का दबाव बनाया गया था।
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सोढी अपनी बेटी के मर्डर केस में पूर्व मेयर के साथ समझौता नहीं कर रहा था। आज इस केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सोढी को आरोपों से बरी कर दिया।
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सोढी के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि 12 जुलाई, 2013 को 32 साल की एक महिला ने त्रिपड़ी थाना पुलिस के पास पूर्व अकाली मेयर जसपाल सिंह प्रधान के समधी अमरजीत सिंह सोढी के खिलाफ उसे लोन देने के बहाने हरिंदर नगर स्थित अपने घर बुलाकर दुराचार करने के आरोप लगाए थे।
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पुलिस ने सोढी के खिलाफ कैद करके दुराचार करने के आरोप के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि बाद में महिला कोर्ट में अपने पहले दिए बयान से पलट गई थी। महिला ने कहा था कि उस पर जसपाल प्रधान ने दबाव डलवा कर सोढी के खिलाफ बयान दिलवाया था। सोढी ने उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की। वह तो त्रिपड़ी थाने में अपने पर्स चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने गई थी। वहां अचानक पूर्व मेयर उसे मिल गया और उस पर सोढी के खिलाफ साजिश के तहत केस दर्ज कराने का दबाव बनाया गया था।
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सोढी अपनी बेटी के मर्डर केस में पूर्व मेयर के साथ समझौता नहीं कर रहा था। आज इस केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सोढी को आरोपों से बरी कर दिया।