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अमलोह से कांग्रेस की टिकट पर घमासान
ब्यूरो, अमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़
Updated Sat, 17 Dec 2016 03:08 PM IST
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मंडी गोबिंदगढ़ के मुख्य चौक पर काका रणदीप सिंह के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते जगमीत सिंह सहोता व उनके समर्थक।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी सदस्य एवं विधानसभा हलका अमलोह से दावेदार जगमीत सिंह सहोता ने मौजूदा पार्टी विधायक काका रणदीप सिंह को टिकट मिलने का सख्त विरोध किया है। सहोता समर्थकों ने सोशल मीडिया पर काका रणदीप का विरोध शुरू कर दिया।
वर्करों का विरोध बढ़ता देखकर सहोता ने अपने कार्यालय में वर्करों की बैठक बुलाई और नाराजगी का कारण जाना। पत्रकारों से बातचीत में सहोता ने कहा कि उनका नाम टिकट को लेकर अव्वल दर्जे में था। इसके बाद भी हाईकमान ने काका रणदीप सिंह को टिकट देकर हलका अमलोह के कांग्रेसी वर्करों का विश्वास तोड़ा है।
सहोता ने खुले तौर पर कहा कि हम विधायक काका रणदीप सिंह की टिकट का विरोध करते हैं और पार्टी हाईकमान से विचार करने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बदला तो वह पूरे हलके में वर्करों की राय लेने बाद आजाद तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं।
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सहोता ने कहा कि विधायक काका रणदीप सिंह विधायक बनने के बाद हलके के लोगों का दिल जीत नहीं सके। नगर काउंसिल चुनावो में उनकी भूमिका अच्छी नहीं रही और वह नाभा के रहने वाले हैं। काका की जगह उनके पीए ही लोगों में जाते रहे हैं और लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ के लिए उन्होंने एक भीप्रशंसनीय कार्य नहीं करवाया है।
मामले में काका रणदीप सिंह ने कहा कि मैं कोई बाहरी इलाके का नहीं हूं, मंडी गोबिंदगढ़, अमलोह नाभा रियासत का हिस्सा रहा है और मैं सिटिंग एमएलए हूं, मेरी टिकट कैसे कट सकती हैै। जगमीत सिंह सहोता कोई विरोध कर रहे हैं या फिर आजाद चुनाव लड़ने वाले हैं तो वह लड़ सकते है, यह उनका मौलिक अधिकार भी है। वह वर्ष 2012 में भी इसी हलके से मेरे खिलाफ पीपीपी की टिकट पर चुनाव हार गए थे।
मामले में जिलाध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है। जगमीत सिंह सहोता को मनाने के लिए बैठकर बात करेंगे और इस मसले का कोई हल जल्द निकाला जाएगा।
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वर्करों का विरोध बढ़ता देखकर सहोता ने अपने कार्यालय में वर्करों की बैठक बुलाई और नाराजगी का कारण जाना। पत्रकारों से बातचीत में सहोता ने कहा कि उनका नाम टिकट को लेकर अव्वल दर्जे में था। इसके बाद भी हाईकमान ने काका रणदीप सिंह को टिकट देकर हलका अमलोह के कांग्रेसी वर्करों का विश्वास तोड़ा है।
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सहोता ने खुले तौर पर कहा कि हम विधायक काका रणदीप सिंह की टिकट का विरोध करते हैं और पार्टी हाईकमान से विचार करने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बदला तो वह पूरे हलके में वर्करों की राय लेने बाद आजाद तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं।
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सहोता ने कहा कि विधायक काका रणदीप सिंह विधायक बनने के बाद हलके के लोगों का दिल जीत नहीं सके। नगर काउंसिल चुनावो में उनकी भूमिका अच्छी नहीं रही और वह नाभा के रहने वाले हैं। काका की जगह उनके पीए ही लोगों में जाते रहे हैं और लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ के लिए उन्होंने एक भीप्रशंसनीय कार्य नहीं करवाया है।
मामले में काका रणदीप सिंह ने कहा कि मैं कोई बाहरी इलाके का नहीं हूं, मंडी गोबिंदगढ़, अमलोह नाभा रियासत का हिस्सा रहा है और मैं सिटिंग एमएलए हूं, मेरी टिकट कैसे कट सकती हैै। जगमीत सिंह सहोता कोई विरोध कर रहे हैं या फिर आजाद चुनाव लड़ने वाले हैं तो वह लड़ सकते है, यह उनका मौलिक अधिकार भी है। वह वर्ष 2012 में भी इसी हलके से मेरे खिलाफ पीपीपी की टिकट पर चुनाव हार गए थे।
मामले में जिलाध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है। जगमीत सिंह सहोता को मनाने के लिए बैठकर बात करेंगे और इस मसले का कोई हल जल्द निकाला जाएगा।