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पीयू के शोधकर्त्ताओं ने सब्जियां बेचकर किया प्रदर्शन
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पटियाला। सरकारी कालेज बचाओ मंच की अगुवाई में पंजाबी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं व सहायक प्रोफेसरों की योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों ने सोमवार को यूनिवर्सिटी के मेन गेट के आगे रेहडियों पर सब्जियां बेचकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर सरकारी कालेजों में अध्यापकों की बंद पड़ी नियमित भरती दोबारा शुरू करने की मांग की गई। इस दौरान मंच के सदस्यों और पीयू के शोधकर्ताओं ने गर्दनों में अपनी योग्यता की तख्तियां डालकर रोष जताया।
मंच ओहदेदारों गुरसेवक, प्रीतपाल, रवि दित और संदीप ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी उच्चशिक्षा को खत्म करने पर तुली है। जिससे निजीकरण तेजी के साथ करते हुए शिक्षा को कारपोरेट घरानों के हाथों में दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह शर्म की बात है कि पिछले 25 वर्ष से सरकारी कालेजों में एक भी नियमित पद नहीं भरा गया। कालेजों में कांट्रेक्ट, एडहाक व गेस्ट फैकल्टी भरती करके काम चलाया जा रहा है।
इसके साथ ही लगातार सरकारी कालेजों में ग्रेजुएशन की सीटों पर कट लगाकर काफी स्टूडेंट्स को बाहर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की कमी से स्टूडेंट्स सरकारी कालेजों की शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। दूसरी ओर उनको पढ़ाने की योग्यता रखने वाले नौजवानों को मजदूरी तक करनी पड़ रही है। कइयों को प्राइवेट कालेजों में मामूली तनख्वाह पर नौकरी करनी पड़ रही हैं।
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मंच ओहदेदारों गुरसेवक, प्रीतपाल, रवि दित और संदीप ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी उच्चशिक्षा को खत्म करने पर तुली है। जिससे निजीकरण तेजी के साथ करते हुए शिक्षा को कारपोरेट घरानों के हाथों में दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह शर्म की बात है कि पिछले 25 वर्ष से सरकारी कालेजों में एक भी नियमित पद नहीं भरा गया। कालेजों में कांट्रेक्ट, एडहाक व गेस्ट फैकल्टी भरती करके काम चलाया जा रहा है।
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इसके साथ ही लगातार सरकारी कालेजों में ग्रेजुएशन की सीटों पर कट लगाकर काफी स्टूडेंट्स को बाहर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की कमी से स्टूडेंट्स सरकारी कालेजों की शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। दूसरी ओर उनको पढ़ाने की योग्यता रखने वाले नौजवानों को मजदूरी तक करनी पड़ रही है। कइयों को प्राइवेट कालेजों में मामूली तनख्वाह पर नौकरी करनी पड़ रही हैं।
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