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पावरकाॅम को बारिश से भी राहत नहीं: 16000 मेगावाट के पार पहुंची बिजली की मांग, दो साल का रिकाॅर्ड टूटा

Sat, 05 Sep 2026 08:37 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला Published by: Nivedita Updated Sat, 05 Sep 2026 08:37 AM IST
सार

पावरकाॅम के पास अपने सभी स्रोतों से केवल 4114 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। शुक्रवार को तलवंडी साबो थर्मल की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बंद रही। रोपड़ प्लांट की 210 मेगावाट की पांच नंबर यूनिट भी ठप रही।

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Powercom Electricity demand crosses 16,000 MW breaking two year record
electricity - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में शुक्रवार को बारिश से भी पावरकाॅम की मुश्किलें कम नहीं हुईं। शुक्रवार को बिजली की मांग ने पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह मांग 16182 मेगावाट तक पहुंच गई। 
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पावरकाॅम के पास बिजली की भारी कमी रही। विभिन्न थर्मल और जलविद्युत परियोजनाओं के सात यूनिट बंद होने से कुल 1275 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप रहा। इस कमी के कारण उद्योगों और कृषि क्षेत्र को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
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पावरकाॅम के पास अपने सभी स्रोतों से केवल 4114 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। शुक्रवार को तलवंडी साबो थर्मल की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बंद रही। रोपड़ प्लांट की 210 मेगावाट की पांच नंबर यूनिट भी ठप रही। लहरा मुहब्बत थर्मल की 210 मेगावाट की एक नंबर यूनिट भी बंद रही। इसके अलावा, रणजीत सागर बांध की 150 मेगावाट की एक नंबर यूनिट और यूबीडीसी के 45 मेगावाट की तीन यूनिट भी बंद रहीं। इस स्थिति के कारण पावरकाॅम को बाहर से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।
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तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट बॉयलर ट्यूब में लीकेज के कारण वीरवार को बंद हुई थी। इसके रविवार तक ही दोबारा चलने की संभावना है। बिजली की कमी के चलते उद्योगों में पौने चार घंटे के रोटेशन में कट लगाए जा रहे हैं।

खेतीबाड़ी क्षेत्र को भी आठ घंटे की पूरी बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। किसानों को ट्यूबवेल के लिए पांच से सात घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे उनमें सरकार के प्रति रोष है। थर्मल संयंत्रों में कोयला संकट भी बना हुआ है। तलवंडी साबो में मात्र छह दिन का, राजपुरा प्लांट में सात दिन का और गोइंदवाल में 13 दिन का कोयला शेष है। लहरा मुहब्बत थर्मल में 15 दिन का कोयला बचा है, जबकि रोपड़ थर्मल में 29 दिन का कोयला स्टॉक नियमानुसार पर्याप्त है।

थर्मल संयंत्रों में शिविर कार्यालय स्थापित होंगे 
बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावरकाॅम ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष (सीएमडी) तथा निदेशक तुरंत साइटों का दौरा करेंगे। वे थर्मल संयंत्रों में शिविर कार्यालय स्थापित करेंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्य अभियंता और संयंत्र प्रभारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने-अपने स्टेशनों पर लगातार मौजूद रहें। उन्हें संयंत्र की अधिकतम क्षमता पर बिना रुकावट बिजली उत्पादन बनाए रखने के लिए काम करना होगा।


फैसले के अनुसार, राजपुरा थर्मल प्लांट में प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष डॉ. बसंत गर्ग शिविर कार्यालय लगाएंगे। वाणिज्यिक निदेशक इंजीनियर हरशरण कौर त्रेहन गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट में जिम्मेदारी संभालेंगी। वितरण निदेशक इंजीनियर इंद्रपाल सिंह गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल पावर प्लांट रोपड़ में मौजूद रहेंगे। वित्त निदेशक चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरिंदर कुमार बेरी तलवंडी साबो पावर स्टेशन में शिविर कार्यालय स्थापित करेंगे। वितरण निदेशक इंजीनियर पुनरदीप सिंह बराड़ गुरु हरगोबिंद साहिब थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत में अपनी सेवाएं देंगे।
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