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पंजाब में बिजली संकट गहराया: गोइंदवाल प्लांट पूरी तरह से बंद, तलवंडी व रोपड़ की भी एक-एक यूनिट ठप

Tue, 12 Apr 2022 09:42 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: पंजाब ब्‍यूरो Updated Tue, 12 Apr 2022 09:42 PM IST
सार

मंगलवार को 18 फीडर 2 घंटे तक, 10 फीडर दो से चार घंटे तक, 190 फीडर चार से छह घंटे तक और 75 फीडर छह घंटों तक डाउन रहे।

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Power crisis deepens in Punjab Goindwal plant completely closed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

पंजाब में धान सीजन नजदीक है लेकिन सरकार के दावों के विपरीत थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को कोयले की कमी से गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट पूरी तरह से बंद हो गया। उधर, तलवंडी साबो प्लांट की भी एक यूनिट बंद हो गई। सरकारी थर्मल प्लांट रोपड़ की एक यूनिट पहले से ही बंद है। इससे बड़े स्तर पर बिजली उत्पादन में कमी आई। वहीं पावरकॉम को बिजली की मांग को पूरा करने में मुश्किलें आईं। बिजली की कमी के चलते पावरकॉम को मंगलवार को ग्रामीण इलाकों में तीन से साढ़े तीन घंटों तक के और वहीं कंडी इलाकों में साढ़े पांच घंटों तक के कट लगाने पड़े।

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इस समय रोपड़ प्लांट में 9 दिन, लहरा मुहब्बत में आठ, तलवंडी साबो में डेढ़ दिन और राजपुरा में 15 दिनों का कोयला बचा है। गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट में जो कुछ कोयले का स्टाक था, वह सोमवार रात समाप्त हो गया। इस कारण मंगलवार सुबह इस प्लांट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
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गोइंदवाल प्लांट की एक यूनिट (270 मेगावाट) पिछले कुछ समय से कोयले की कमी के चलते बंद पड़ी थी, जबकि दूसरी (270 मेगावाट) मंगलवार सुबह बंद कर दी गई। इससे 540 मेगावाट बिजली सप्लाई ठप हो गई। उधर, तलवंडी साबो प्लांट का 660 मेगावाट की एक यूनिट और रोपड़ प्लांट की 210 मेगावाट की भी एक यूनिट बंद पड़ी है।
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हालांकि पावरकॉम अधिकारी इसके पीछे का कारण सालाना मरम्मत बता रहे हैं लेकिन सूत्र बताते हैं कि आने वाले धान सीजन के लिए कोयले के स्टाक को बचा कर रखने के लिए इन यूनिटों को बंद रखा गया है। इस तरह से कुल 1410 मेगावाट बिजली की सप्लाई में कटौती हो गई है लेकिन इस भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। मंगलवार को पंजाब में बिजली की मांग 6200 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई।

इसे पूरा करने के लिए पावरकॉम को अपने थर्मलों से 1226 मेगावाट, प्राइवेट थर्मलों से 2361 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 114 और सोलर व अन्य प्रोजेक्टों को मिलाकर करीब 3983 मेगावाट बिजली की ही उपलब्धता हो सकी। इस तरह से 2217 मेगावाट बिजली की कमी को पूरा करने के लिए पावरकॉम को बाहर से महंगे दामों में करीब 2000 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। 200 मेगावाट से अधिक के मांग व सप्लाई के बीच रहे अंतर के कारण गांवों व कंडी इलाकों के लोगों को कटों का सामना करना पड़ा।


पंजाब भर से पावरकॉम को एक दिन में मिलीं 17622 शिकायतें, 4720 रहीं पेंडिंग
मंगलवार को 18 फीडर 2 घंटे तक, 10 फीडर दो से चार घंटे तक, 190 फीडर चार से छह घंटे तक और 75 फीडर छह घंटों तक डाउन रहे। बिजली सप्लाई में बाधा के चलते मंगलवार को पावरकॉम को प्रदेश भर से 17622 शिकायतें मिलीं। खबर लिखे जाने तक 12902 हल हो चुकी थीं और 4720 शिकायतें पेंडिंग थीं। 

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