{"_id":"577631644f1c1bd04979a7c9","slug":"patiala-university-book-launches-shaheed-bhagat-singh-s-diary-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगत सिंह की रचनाओं से समाज पर गहरा प्रभाव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगत सिंह की रचनाओं से समाज पर गहरा प्रभाव
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:31 PM IST
विज्ञापन
पटियाला की पीयू में शहीद भगत सिंह की डायरी पर आधारित पुस्तक का विमोचन करते वीसी डा. जसपाल सिंह व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ल्ड पंजाबी सेंटर की ओर से पंजाबी यूनिवर्सिटी के सीनेट हाल में शहीद भगत सिंह की डायरी पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया और विचार चर्चा संबंधी समागम भी कराया गया। शहीद भगत सिंह की डायरी पर आधारित पुस्तक का यह पांचवां भाग है।
समागम की प्रधानगी करते हुए पीयू के वीसी डा. जसपाल सिंह ने कहा कि शहीद भगत सिंह की भारत के स्वतंत्रता संग्राम को महान देन है। देश की आजादी के लिए जहां भगत सिंह ने अपनी जान की कुर्बानी दी, वहीं अपनी रचनाओं के जरिये भारतीय समाज पर हमेशा रहने वाला प्रभाव डाला। वीसी ने पुस्तक के संपादक हरीश जैन को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक उनकी सख्त मेहनत का नतीजा है।
वीसी ने कहा कि भगत सिंह के जेल में होते उनको पुस्तक सामग्री और अन्य लिखने संबंधी साजो सामान किस तरह उपलब्ध होता था, इस बारे में शोध करने की जरूरत है।
समागम के मुख्त वक्ता पंजाबी यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर डा. नाजर सिंह ने पुस्तक की रूपरेखा के बारे में प्रकाश डाला। हरीश जैन ने कहा कि शोध कार्य को पूरा करने के लिए लगभग 10 साल का समय लगा है। इस समय दौरान स्रोत सामग्री इकट्ठी करने में उन्होंने पेश आई समस्याएं भी सांझा की।
विज्ञापन
इससे पहले वर्ल्ड पंजाबी सेंटर के डायरेक्टर डा. दलबीर सिंह ढिल्लों ने आए मेहमानों का स्वागत करते हुए सेंटर की पिछले समय दौरान हासिल उपलब्धियों का जिक्र किया। समागम में डा. सुखनिंदर कौर ढिल्लों, डा. जसपाल कौर, डा.चरनजीत कौर बराड़, डा. बलजीत कौर सेखों, डा. जोगा सिंह, डा. पुश्पिंदर कौर ढिल्लों, डा. गुरपाल सिंह संधू मौजूद रहे।
विज्ञापन
समागम की प्रधानगी करते हुए पीयू के वीसी डा. जसपाल सिंह ने कहा कि शहीद भगत सिंह की भारत के स्वतंत्रता संग्राम को महान देन है। देश की आजादी के लिए जहां भगत सिंह ने अपनी जान की कुर्बानी दी, वहीं अपनी रचनाओं के जरिये भारतीय समाज पर हमेशा रहने वाला प्रभाव डाला। वीसी ने पुस्तक के संपादक हरीश जैन को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक उनकी सख्त मेहनत का नतीजा है।
विज्ञापन
वीसी ने कहा कि भगत सिंह के जेल में होते उनको पुस्तक सामग्री और अन्य लिखने संबंधी साजो सामान किस तरह उपलब्ध होता था, इस बारे में शोध करने की जरूरत है।
समागम के मुख्त वक्ता पंजाबी यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर डा. नाजर सिंह ने पुस्तक की रूपरेखा के बारे में प्रकाश डाला। हरीश जैन ने कहा कि शोध कार्य को पूरा करने के लिए लगभग 10 साल का समय लगा है। इस समय दौरान स्रोत सामग्री इकट्ठी करने में उन्होंने पेश आई समस्याएं भी सांझा की।
विज्ञापन
इससे पहले वर्ल्ड पंजाबी सेंटर के डायरेक्टर डा. दलबीर सिंह ढिल्लों ने आए मेहमानों का स्वागत करते हुए सेंटर की पिछले समय दौरान हासिल उपलब्धियों का जिक्र किया। समागम में डा. सुखनिंदर कौर ढिल्लों, डा. जसपाल कौर, डा.चरनजीत कौर बराड़, डा. बलजीत कौर सेखों, डा. जोगा सिंह, डा. पुश्पिंदर कौर ढिल्लों, डा. गुरपाल सिंह संधू मौजूद रहे।