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परनीत के खिलाफ कैप्टन की चाची ने खोला मोर्चा
ब्यूरो/ अमर उजाला,पटियाला
Updated Mon, 21 Apr 2014 07:44 PM IST
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शाही राजघराने में आपसी मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह की चाची और पूर्व राज्यसभा सांसद अमरजीत कौर अकाली दल की तरफ से परनीत के खिलाफ सक्रिय हो गई हैं।
वह अकाली दल के हक में पटियाला में होने वाली चुनावी सभाओं खास तौर से मोती महल के नजदीकी इलाकों में होने वाली सभाओं में सक्रियता से हिस्सा ले रही हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ खराब संबंधों के चलते 2009 में अमरजीत कौर ने कांग्रेस को छोड़कर अकाली दल ज्वाइन कर लिया था। अमरजीत कौर ने पटियाला से परनीत कौर के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए अकाली दल की टिकट मांगी थी। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाई।
अमरजीत कौर का कहना हैं कि उन्हें टिकट न मिलने का गम नहीं। यह पार्टी हाईकमान का फैसला था। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। लेकिन इस सीट से परनीत कौर भी नहीं जीत पाएंगी। आम आदमी पार्टी कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंचा रही है। जबकि अकाली दल की जो वोट पहले थें, वह अब भी पक्के हैं।
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वैसे भी परनीत कौर ने पिछले 15 साल से सांसद रहते हुए अपने हलके के लोगों की समस्याएं हल करने के लिए कुछ नहीं किया। न तो वह कोई बड़ी इंडस्ट्री पटियाला में ला पाईं और न ही रेल सेवाओं में विस्तार ही कर सकीं। ऊपर से कांग्रेस न अपने राज में पटियाला के नाले ऊपर से कवर करके शहर में सीवरेज सिस्टम पूरी तरह से खराब कर डाला।
अमरजीत कौर ने कहा कि अमृतसर में कैप्टन भी भाजपा के अरुण जेटली को टफ फाइट नहीं दे पा रहे हैं। जेटली के जीतने की पूरी उम्मीद है। साथ ही उन्होंने कहा कि कैप्टन के होते हुए वे कभी कांग्रेस में वापस नहीं जाएंगी।
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वह अकाली दल के हक में पटियाला में होने वाली चुनावी सभाओं खास तौर से मोती महल के नजदीकी इलाकों में होने वाली सभाओं में सक्रियता से हिस्सा ले रही हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ खराब संबंधों के चलते 2009 में अमरजीत कौर ने कांग्रेस को छोड़कर अकाली दल ज्वाइन कर लिया था। अमरजीत कौर ने पटियाला से परनीत कौर के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए अकाली दल की टिकट मांगी थी। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाई।
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अमरजीत कौर का कहना हैं कि उन्हें टिकट न मिलने का गम नहीं। यह पार्टी हाईकमान का फैसला था। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। लेकिन इस सीट से परनीत कौर भी नहीं जीत पाएंगी। आम आदमी पार्टी कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंचा रही है। जबकि अकाली दल की जो वोट पहले थें, वह अब भी पक्के हैं।
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वैसे भी परनीत कौर ने पिछले 15 साल से सांसद रहते हुए अपने हलके के लोगों की समस्याएं हल करने के लिए कुछ नहीं किया। न तो वह कोई बड़ी इंडस्ट्री पटियाला में ला पाईं और न ही रेल सेवाओं में विस्तार ही कर सकीं। ऊपर से कांग्रेस न अपने राज में पटियाला के नाले ऊपर से कवर करके शहर में सीवरेज सिस्टम पूरी तरह से खराब कर डाला।
अमरजीत कौर ने कहा कि अमृतसर में कैप्टन भी भाजपा के अरुण जेटली को टफ फाइट नहीं दे पा रहे हैं। जेटली के जीतने की पूरी उम्मीद है। साथ ही उन्होंने कहा कि कैप्टन के होते हुए वे कभी कांग्रेस में वापस नहीं जाएंगी।