{"_id":"56fc08b94f1c1b257ef00155","slug":"oath-daughter-s-rights-awareness-fair-patiala-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों के अधिकारों की रक्षा की शपथ ली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों के अधिकारों की रक्षा की शपथ ली
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 30 Mar 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
पटियाला के पोलो ग्राउंड में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में लड़कियों के अधिकारों की रक्षा की शपथ लेते प्रशासनिक अधिकारी।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बुधवार को जिला प्रशासन की महिला एवं बाल विकास और बाल सुरक्षा इकाई की ओर से पोलो मैदान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जुटे लोगों ने लड़कियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की शपथ ली। इस दौरान विभिन्न स्टालें लगाकर लड़कियों संबंधी भलाई योजनाओं, तकनीकी शिक्षा, कैरियर, सेहत व कानूनी अधिकारों संबंधी जानकारी भी दी गई।
राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास और बाल सुरक्षा इकाई विभाग की ओर से लगाई गई इस खुली जन सभा व जागरूकता मेले में एडीसी (जनरल) मोहिंदर पाल व एडीसी विकास परमिंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि अकसर देखा जाता है कि लोग उचित जागरूकता के अभाव में अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पाते। इसके लिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि दूर दराज के क्षेत्रों व मास मीडिया से दूर रहने वालों तक जन कल्याण की योजनाएं पहुंचाई जाएं।
सहायक कमिश्नर डा. सिमरप्रीत कौर ने कहा कि कुछ साल पहले तक पटियाला को लड़के लड़कियों के जन्म अनुपात में देश के सबसे कम सौ जिलों में आंका गया था। यह एक कलंक के रूप में था जिसे हटाया जाना जरूरी था। इस दिशा में कई तरह के प्रयास किए गए हैं, सफलता भी मिली है। दूसरी ओर मेले में सरकारी कालेज लड़कियों की ओर से रैली निकाली गई। वहीं विभिन्न कालेजों व स्कूलों की छात्राओं की ओर से लड़कियों की समस्याओं व उनके निवारण से संबंधित नाटक, गीत संगीत, नृत्य, कठपुतली आदि के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास और बाल सुरक्षा इकाई विभाग की ओर से लगाई गई इस खुली जन सभा व जागरूकता मेले में एडीसी (जनरल) मोहिंदर पाल व एडीसी विकास परमिंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि अकसर देखा जाता है कि लोग उचित जागरूकता के अभाव में अपने अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पाते। इसके लिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि दूर दराज के क्षेत्रों व मास मीडिया से दूर रहने वालों तक जन कल्याण की योजनाएं पहुंचाई जाएं।
विज्ञापन
सहायक कमिश्नर डा. सिमरप्रीत कौर ने कहा कि कुछ साल पहले तक पटियाला को लड़के लड़कियों के जन्म अनुपात में देश के सबसे कम सौ जिलों में आंका गया था। यह एक कलंक के रूप में था जिसे हटाया जाना जरूरी था। इस दिशा में कई तरह के प्रयास किए गए हैं, सफलता भी मिली है। दूसरी ओर मेले में सरकारी कालेज लड़कियों की ओर से रैली निकाली गई। वहीं विभिन्न कालेजों व स्कूलों की छात्राओं की ओर से लड़कियों की समस्याओं व उनके निवारण से संबंधित नाटक, गीत संगीत, नृत्य, कठपुतली आदि के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन