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राजिंदरा अस्पताल की नर्सों ने कामकाज छोड़कर की रोष रैली
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 20 Apr 2016 02:42 PM IST
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पटियाला में एमएस दफ्तर के बाहर रोष धरना देती राजिंदरा अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ।
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी राजिंदरा अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने कामकाज छोड़कर अपनी मांगों के समर्थन में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट दफ्तर के आगे रोष धरना दिया। इससे पहले सारे अस्पताल में घूमकर नर्सिंग स्टाफ ने रोष रैली भी निकाली। इस मौके पर अस्पताल प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। यह रैली व धरना सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक चला।
धरने को संबोधित करते हुए पंजाब नर्सिंग स्टाफ की प्रधान कर्मजीत कौर औलख ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ बैठक हुई थी। जिसमें सीएम ने चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल की अगुवाई में कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी ने नर्सिंग स्टाफ को भी बात करने के बुलाया था। चीफ सेक्रेटरी ने दो महीनों में रेगुलर करने का भरोसा दिया था। दो महीने बीत जाने के बाद भी उनकी सेवाओं को रेगुलर नहीं किया गया है।
राजिंदरा अस्पताल और मेडिकल कालेज का स्टाफ सरकार की सभी शर्तों को पूरी करता है। अगर जल्द ही नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को रेगुलर न किया गया, तो जत्थेबंदी की ओर से आंदोलन तेज किया जाएगा। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी। जत्थेबंदी नहीं चाहती कि कोई सख्त कदम उठाया जाए, लेकिन सरकार की टाल-मटोल से अब नर्सिंग स्टाफ तंग आ चुका है। जल्द नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं बिना शर्त के रेगुलर न की, तो किसी भी समय काम छोड़ हड़ताल पर जा सकते हैं।
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धरने को संबोधित करते हुए पंजाब नर्सिंग स्टाफ की प्रधान कर्मजीत कौर औलख ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ बैठक हुई थी। जिसमें सीएम ने चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल की अगुवाई में कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी ने नर्सिंग स्टाफ को भी बात करने के बुलाया था। चीफ सेक्रेटरी ने दो महीनों में रेगुलर करने का भरोसा दिया था। दो महीने बीत जाने के बाद भी उनकी सेवाओं को रेगुलर नहीं किया गया है।
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राजिंदरा अस्पताल और मेडिकल कालेज का स्टाफ सरकार की सभी शर्तों को पूरी करता है। अगर जल्द ही नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को रेगुलर न किया गया, तो जत्थेबंदी की ओर से आंदोलन तेज किया जाएगा। जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी। जत्थेबंदी नहीं चाहती कि कोई सख्त कदम उठाया जाए, लेकिन सरकार की टाल-मटोल से अब नर्सिंग स्टाफ तंग आ चुका है। जल्द नर्सिंग स्टाफ की सेवाएं बिना शर्त के रेगुलर न की, तो किसी भी समय काम छोड़ हड़ताल पर जा सकते हैं।
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