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Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   No buying over private sugar cane mills

निजी शुगर मिलें नहीं खरीदेंगी गन्ना

Mon, 10 Aug 2015 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला Updated Mon, 10 Aug 2015 10:10 PM IST
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इस बार किसानों को  गन्ना बेचने के लिए सहकारी शुगर मिलों के बाहर लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ सकता है। कारण यह है कि इस बार निजी शुगर मिले ने गन्ना खरीदने से इंकार कर रही हैं। चीनी के लगातार घट रहे दामों एवं गन्ने के बढ़ते समर्थन मूल्य के चलते निजी मिले क्रशिंग को घाटे का सौदा मान रही हैं।
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राज्य में इस समय 24 शुगर मिलें हैं। इसमें 16 सहकारी और 8 निजी हैं। वहीं 7 सहकारी शुगर मिलें लंबे समय से बंद पड़ी हुई हैं।

इन शूगर मिलों को सीजन में लगातार 180 दिन चलाने के लिये 896 लाख क्विंटल गन्ने की जरूरत है। प्रदेश में गन्ने के अधीन रकबा 94000 हेक्टेयर है और उत्पादन करीब 705 लाख क्विंटल ही हो रहा है। मिलों तक क्रशिंग के लिए महज 569 लाख क्विंटल गन्ना ही पहुंच रहा है।
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क्षमता इससे ज्यादा होने के चलते शुगर मिलें किसानों को लुभावने भाव पिछले सालों में देती आ रही हैं। किसानों से पहले ही ठेका भी कर लिया जाता रहा है।

इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। राना शुगर मिल ने साफ तौर इस बार गन्ना खरीदने से मना कर दिया है। कारण है कि सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य 295 रुपये घोषित कर दिया गया है।
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निजी शुगर मिलों के मुताबिक चीनी की कीमतें लगातार घटती जा रही हैं। चीनी की मौजूदा कीमतों के मुताबिक समर्थन मूल्य अधिक है। इस रेट पर गन्ना खरीदकर वे मिलों को चालू नहीं रख सकते हैं।

शुगरफैड के अधिकारियों के मुताबिक सहकारी शुगर मिलों का उत्पादन पिछले दो सीजन में लगातार बढ़ा है। सहकारी शुगर मिलों का उत्पादन पिछले सीजन में 10 लाख टन से बढ़कर 12 लाख टन तक पहुंच गया है।

इस बार जिस तरह से निजी शुगर मिलें क्रशिंग के लिये अपने हाथ पीछे खींच रही हैं, उस लिहाज से सहकारी शुगर मिलों का उत्पादन इस बार 15 लाख टन तक जा सकता है।


गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ने के चलते निजी शुगर मिलों ने इस बार गन्ना खरीदने से हाथ पीछे खींचने शुरू कर दिए हैं। सहकारी शुगर मिलों की तरफ से गन्ने की खरीद के लिये कोई कमी नहीं रखी जाएगी। पिछले दो सीजन में सहकारी शुगर मिलों में चीनी का उत्पादन लगातार बढ़ा है। - कंवलप्रीत बराड़,एमडी, शुगरफैड पंजाब
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