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कालेज मैगजीन से शुरू किया सफरः टिवाना
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sat, 24 Dec 2016 03:04 PM IST
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पटियाला के मोदी कालेज में आयोजित कार्यक्रम में कालेज मैगजीन को रिलीज करती साहित्यकार दिलीप कौर टिवाना व साथ में अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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मुल्तानी मल मोदी कालेज द्वारा कालेज की सालाना मैगजीन द लुमिनरी रिलीज की गई। इस मौके पर समारोह की अध्यक्षता जानी-मानी साहित्यकार दलीप कौर टिवाना ने की। टिवाना ने बताया कि उन्होंने साहित्यिक सफर अपने ही कालेज की मैगजीन में एक लघु कहानी से शुरू किया था।
उन्होंने स्टूडेंट्स को सलाह भी दी कि वह अपने विरसे के साथ जुड़े रहें और लोक कथाओं में छिपी समझदारी को तलाशने की कोशिश करें। उन्होंने कालेज मैगजीन की सराहना की और स्टूडेंट्स को और पढ़ने और लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स कालेज मैगजीन के लिए लिखें।
प्रिंसिपल डा. खुशविंदर कुमार ने कहा कि कालेज मैगजीन स्टूडेंट्स की सृजनात्मक प्रतिभा की अभिव्यक्ति के लिए योग्य मंच है। मुख्य संपादक प्रोफेसर बलजिंदर कौर ने मैगजीन की तैयारी के दौरान हासिल किए गए अनुभवों का जिक्र किया।
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डा. गुरदीप सिंह ने कहा कि आने वाली पीढियां यह गर्व के साथ याद करेंगी कि टिवाना जैसी जानी-माना साहित्यकार कभी इस कालेज में आई थीं। पीयू से प्रोफेसर डा. सुनीता धीर ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के मैगजीन नौजवानों के अंदर की प्रतिभा को निखारने और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने में सहायक होते हैं।
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उन्होंने स्टूडेंट्स को सलाह भी दी कि वह अपने विरसे के साथ जुड़े रहें और लोक कथाओं में छिपी समझदारी को तलाशने की कोशिश करें। उन्होंने कालेज मैगजीन की सराहना की और स्टूडेंट्स को और पढ़ने और लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स कालेज मैगजीन के लिए लिखें।
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प्रिंसिपल डा. खुशविंदर कुमार ने कहा कि कालेज मैगजीन स्टूडेंट्स की सृजनात्मक प्रतिभा की अभिव्यक्ति के लिए योग्य मंच है। मुख्य संपादक प्रोफेसर बलजिंदर कौर ने मैगजीन की तैयारी के दौरान हासिल किए गए अनुभवों का जिक्र किया।
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डा. गुरदीप सिंह ने कहा कि आने वाली पीढियां यह गर्व के साथ याद करेंगी कि टिवाना जैसी जानी-माना साहित्यकार कभी इस कालेज में आई थीं। पीयू से प्रोफेसर डा. सुनीता धीर ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के मैगजीन नौजवानों के अंदर की प्रतिभा को निखारने और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने में सहायक होते हैं।