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Kisan Andolan: दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा पुलिस के साथ बैठक, रोड ब्लॉक नहीं करेंगे किसान

Mon, 02 Dec 2024 09:36 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 02 Dec 2024 09:36 PM IST
सार

एमएसपी सहित अन्य मांगों को लेकर दिल्ली जाने वाले किसानों ने सोमवार को हरियाणा पुलिस के साथ बैठक की। बैठक में फैसला लिया गया कि किसान सड़कें जाम नहीं करेंगे। छह दिसंबर को ही किसान पैदल शंभू बॉर्डर से मार्च शुरू करेंगे। 

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Meeting with Haryana Police regarding Delhi march farmers will not block roads
किसान आंदोलन - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू बॉर्डर से छह दिसंबर को किसानों के दिल्ली कूच के तय कार्यक्रम को लेकर सोमवार को किसान नेताओं की अंबाला के एसपी के साथ एक अहम बैठक हुई। पंधेर ने कहा कि बैठक काफी सुखद माहौल में हुई है। किसानों का रुख साफ है कि किसानों के जत्थे पैदल ही दिल्ली के लिए शंभू बॉर्डर से कूच करेंगे। 

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इस दौरान रास्ते में किसान ट्रैफिक जाम नहीं करेंगे। जहां कहीं भी रात को ठहरेंगे, वहां भी कोशिश रहेगी कि किसानों के कारण ट्रैफिक जाम न हो। किसानों का आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। पीएम मोदी के चंडीगढ़ में मंगलवार को होने वाले कार्यक्रम में किसी प्रकार का विरोध करने का प्रस्ताव नहीं है।
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किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा है कि उनका मानना है कि किसान आंदोलन 2.0 में अब तक इतनी समस्याएं दिल्ली व हरियाणा प्रशासन के साथ गलतफहमी पैदा होने के चलते सामने आई हैं। अब अगर प्रशासन को किसानों की ओर से शांतिपूर्ण दिल्ली कूच का भरोसा हो गया, तो पूरी उम्मीद है कि उन्हें ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ आगे बढ़ने की अनुमति मिल जाएगी। साथ ही पंधेर ने साफ किया कि किसान शंभू बॉर्डर के जरिये ही दिल्ली के लिए कूच करेंगे।
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किसान अपना मोर्चा दिल्ली में रामलीला मैदान, जंतर-मंतर में लगाना चाहते हैं, लेकिन अगर किसानों को सिंघु बॉर्डर पर रोका जाता है, तो वहां बैठ जाएंगे। पंधेर ने कहा कि किसानों की एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज मुक्ति समेत 12 मांगें हैं, जिनके हल होने तक आंदोलन जारी रहेगा। फिर चाहे इसमें कितना लंबा समय लग जाए या फिर कितनी ही कुर्बानियां क्यों न देनी पड़ें। किसान इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

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