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पंजाबी लेखकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई: रखड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 17 Oct 2016 06:00 PM IST
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पटियाला के भाषा विभाग की ओर से आयोजित समागम में नामवर लेखकों व विद्वानों को सम्मानित करते कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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जल सप्लाई एवं सेनीटेशन और उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने कहा कि पंजाब के लेखकों व विद्वानों ने अपनी रचनाओं के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब को एक अनूठी पहचान दिलाई है। वह भाषा विभाग की ओर से सोमवार को पंजाबी सूबे की 50वीं वर्षगांठ को समर्पित समागम को संबोधित कर रहे थे। समागम में पंजाब के नामवर लेखकों व विद्वानों को भी सम्मानित किया गया।
सम्मानित शख्सियतों में डा. रतन सिंह जग्गी, गुरनाम सिंह, सीआर मौद्गिल, डा. सुखदियाल सिंह, डा. सतीश कुमार वर्मा, डा. मेघा सिंह, प्रोफेसर गुरबचन सिंह राही, प्रोफेसर कुलवंत ग्रेवाल, अमरजीत सिंह वडैच, प्रोफेसर बलदेव सिंह बलुआना, डा. गुरमीत सिंह सिद्धू, डीपीआई कॉलेज टीके गोयल, डा. मोहम्मद रफी, डा. गुरपाल सिंह, डा. सिमरजीत सिंह शामिल रहे।
पंजाबी साहित्य रतन डा. रतन सिंह जग्गी ने पंजाबी राज्य की स्थापना के लिए पंजाबियों की ओर से दी गई कुर्बानियों और संघर्ष का जिक्र किया। पूर्व डायरेक्टर हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी सीआर मौदगिल ने पंजाबी सूबे की बनावट और पंजाबियों की ओर से किए संघर्ष की विचार चर्चा की। भाषा विभाग की डायरेक्टर गुरशरण कौर भी इस मौके पर मौजूद रहे। राज्य भर से आए विद्वानों ने शोध पत्र पेश किए।
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सम्मानित शख्सियतों में डा. रतन सिंह जग्गी, गुरनाम सिंह, सीआर मौद्गिल, डा. सुखदियाल सिंह, डा. सतीश कुमार वर्मा, डा. मेघा सिंह, प्रोफेसर गुरबचन सिंह राही, प्रोफेसर कुलवंत ग्रेवाल, अमरजीत सिंह वडैच, प्रोफेसर बलदेव सिंह बलुआना, डा. गुरमीत सिंह सिद्धू, डीपीआई कॉलेज टीके गोयल, डा. मोहम्मद रफी, डा. गुरपाल सिंह, डा. सिमरजीत सिंह शामिल रहे।
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पंजाबी साहित्य रतन डा. रतन सिंह जग्गी ने पंजाबी राज्य की स्थापना के लिए पंजाबियों की ओर से दी गई कुर्बानियों और संघर्ष का जिक्र किया। पूर्व डायरेक्टर हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी सीआर मौदगिल ने पंजाबी सूबे की बनावट और पंजाबियों की ओर से किए संघर्ष की विचार चर्चा की। भाषा विभाग की डायरेक्टर गुरशरण कौर भी इस मौके पर मौजूद रहे। राज्य भर से आए विद्वानों ने शोध पत्र पेश किए।
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