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रोष मार्च निकालकर डीसी दफ्तर के समक्ष प्रदर्शन
संगरूर
Updated Fri, 07 Apr 2017 03:27 PM IST
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संगरूर में डीसी दफ्तर से समक्ष प्रदर्शन करते जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी की तरफ से गदर भवन से डीसी दफ्तर तक रोष मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की।
धरने को संबोधित करते संघर्ष कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश मलौद और जिला नेता परमजीत कौर ने कहा कि किसानों का आर्थिक संकट दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस कारण किसानों की खुदकुशी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि डीसी से मांग की गई है कि पंचायती जमीन का जनरल हिस्सा छोटे किसानों के लिए कम रेट पर देने के लिए रिजर्व किया जाए। जनरल हिस्से में पेड़ लगाने वाले सरकार के फैसले को रद्द किया जाए। मजदूर, किसानों के कर्ज माफ किए जाएं।
आबादकारों को जमीन के मालिकाना हक दिए जाएं। छोटे किसानों की जमीन दोबारा चकबंदी करके एक तरफ की जाए और उसमें पानी की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही यह मांग भी की गई कि ओलावृष्टि के कारण तबाह हुई फसलों का मुआवजा किसानों को दिया जाए।
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इस मौके पर संघर्ष कमेटी के पिरथी लौंगोवाल, बलविंदर सिंह झलूर, कर्मा घराचों, रामपाल बालद कलां, क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के नेता बहाल सिंह बेनड़ा आदि मौजूद थे।
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धरने को संबोधित करते संघर्ष कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश मलौद और जिला नेता परमजीत कौर ने कहा कि किसानों का आर्थिक संकट दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस कारण किसानों की खुदकुशी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि डीसी से मांग की गई है कि पंचायती जमीन का जनरल हिस्सा छोटे किसानों के लिए कम रेट पर देने के लिए रिजर्व किया जाए। जनरल हिस्से में पेड़ लगाने वाले सरकार के फैसले को रद्द किया जाए। मजदूर, किसानों के कर्ज माफ किए जाएं।
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आबादकारों को जमीन के मालिकाना हक दिए जाएं। छोटे किसानों की जमीन दोबारा चकबंदी करके एक तरफ की जाए और उसमें पानी की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही यह मांग भी की गई कि ओलावृष्टि के कारण तबाह हुई फसलों का मुआवजा किसानों को दिया जाए।
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इस मौके पर संघर्ष कमेटी के पिरथी लौंगोवाल, बलविंदर सिंह झलूर, कर्मा घराचों, रामपाल बालद कलां, क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के नेता बहाल सिंह बेनड़ा आदि मौजूद थे।