{"_id":"571744984f1c1bb5158b4568","slug":"india-identity-saint-governor-mandi-gobindgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत की पहचान संतों से बनीं : सोलंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत की पहचान संतों से बनीं : सोलंकी
ब्यूरो, अमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़
Updated Wed, 20 Apr 2016 02:28 PM IST
विज्ञापन
मंडी गोबिंदगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर बिराजमान राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी व राष्ट्रीय गीत पेश करतीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2615वां जन्म जयंती समारोह दोराहा के गांव बरमालीपुर स्थित भगवान महावीर वनस्थली में आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश भर से जैन समाज के लोगों ने शिरकत की। समारोह में पंजाब के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सांसद अविनाश राय खन्ना, लुधियाना के विधायक सुरिंदर डाबर, समाज रत्न हीरा लाल जैन, डॉ. प्रद्युमन शाह ने खास तौर पर शिरकत की।
इस मौके पर राज्यपाल सोलंकी ने जैन समाज को भगवान महावीर के जन्म दिवस की बधाई देते कहा कि भगवान महावीर ने सत्य का साक्षात्कार किया है। हमें उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में ग्रहण करना होगा और उनके जन्म दिवस पर एक संकल्प लेना होगा कि हम हमेशा सत्य का साक्षात्कार करेंगे। सोलंकी ने कहा कि अगर आप कुछ बनना चाहते हैं तो संतों की शिक्षाओं को ग्रहण करें।
भारत की पहचान किसी राजा-महाराजा, राजनीति और कारोबार या किसी सरकार से नहीं बनीं केवल संतों से बनी हैं। उन्होंने कहा कि जन्म दिन मनाने से लकीर के फकीर मत बनिए बल्कि संतों की शिक्षाओं पर अमल करके कोई संकल्प जरूर लें।
विज्ञापन
इससे पहले मुनि विनय कुमार ने कहा कि आज हमें भगवान महावीर की शिक्षा से सीख लेते हुए ये संकल्प लेना होगा कि हम कुदरती स्त्रोत पानी को कैसे बचाएं। उन्होंने दोराहा में बनीं भगवान महावीर वनस्थली पर जैन समाज को शिक्षा-चिकित्सा पर कैंप लगाने के लिए प्रेरित भी किया। अंत में आयोजक पंजाब प्रांतीय श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा रजि के अध्यक्ष सुरेन्द्र मित्तल, चेयरमैन महिंदर गुप्ता, उपाध्यक्ष रतन लाल दफ्तरी और महासचिव अजय जैन ने राज्यपाल सोलंकी को सम्मानित किया।
विज्ञापन
इस मौके पर राज्यपाल सोलंकी ने जैन समाज को भगवान महावीर के जन्म दिवस की बधाई देते कहा कि भगवान महावीर ने सत्य का साक्षात्कार किया है। हमें उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में ग्रहण करना होगा और उनके जन्म दिवस पर एक संकल्प लेना होगा कि हम हमेशा सत्य का साक्षात्कार करेंगे। सोलंकी ने कहा कि अगर आप कुछ बनना चाहते हैं तो संतों की शिक्षाओं को ग्रहण करें।
विज्ञापन
भारत की पहचान किसी राजा-महाराजा, राजनीति और कारोबार या किसी सरकार से नहीं बनीं केवल संतों से बनी हैं। उन्होंने कहा कि जन्म दिन मनाने से लकीर के फकीर मत बनिए बल्कि संतों की शिक्षाओं पर अमल करके कोई संकल्प जरूर लें।
विज्ञापन
इससे पहले मुनि विनय कुमार ने कहा कि आज हमें भगवान महावीर की शिक्षा से सीख लेते हुए ये संकल्प लेना होगा कि हम कुदरती स्त्रोत पानी को कैसे बचाएं। उन्होंने दोराहा में बनीं भगवान महावीर वनस्थली पर जैन समाज को शिक्षा-चिकित्सा पर कैंप लगाने के लिए प्रेरित भी किया। अंत में आयोजक पंजाब प्रांतीय श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा रजि के अध्यक्ष सुरेन्द्र मित्तल, चेयरमैन महिंदर गुप्ता, उपाध्यक्ष रतन लाल दफ्तरी और महासचिव अजय जैन ने राज्यपाल सोलंकी को सम्मानित किया।