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फीस वृद्धि के खिलाफ पीयू में स्टूडेंट्स का प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sat, 02 Apr 2016 02:51 PM IST
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीसों में वृद्धि के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब स्टूडेंट यूनियन ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने पटियाला यूनिवर्सिटी में 10 फीसदी और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में चार फीसदी तक फीसों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ वीसी दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। इस मौके पर रोष स्वरूप पंजाब सरकार और पीयू मैनेजमेंट का पुतला फूंका गया। स्टूडेंट्स ने जमकर नारेबाजी की और फीसों में हुई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की।
स्टूडेंट लीडरों गुरसेवक सिंह, अमनदीप सिंह, लखविंदर सिंह ने कहा कि पिछले लंबे समय से पीयू पटियाला आर्थिक पक्ष से घाटे में चल रहा है। पंजाब व केंद्र सरकार लगातार यूनिवर्सिटी की ग्रांट कम करके डूबती नौका में पत्थर डालने का काम कर रही है। सरकारों ने यह रवैया नई आर्थिक नीतियों को लागू करने के लिए अपनाया हुआ है। इस तरह निरंतर शिक्षा का व्यापारीकरण और निजीकरण हो रहा है। इससे जहां स्टूडेंट्स की आर्थिक लूट हो रही है, वहीं शिक्षा का स्तर भी निरंतर नीचे जा रहा है।
पीयू में ज्यादा स्टूडेंट्स मालवा क्षेत्र से आते हैं। इस क्षेत्र के लोगों का प्रमुख व्यवसाय खेतीबाड़ी है लेकिन किसानी सफेद मक्खी, खराब मौसम और सरकार की गलत नीतियों के कारण गंभीर संकट में फंसी हुई है। ऐसी स्थिति में सरकार ने फीसों में वृद्धि करके लोगों के जख्मों पर नमक छिड़का है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। स्टूडेंट्स ने इस मौके पर फीसों में हुई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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स्टूडेंट लीडरों गुरसेवक सिंह, अमनदीप सिंह, लखविंदर सिंह ने कहा कि पिछले लंबे समय से पीयू पटियाला आर्थिक पक्ष से घाटे में चल रहा है। पंजाब व केंद्र सरकार लगातार यूनिवर्सिटी की ग्रांट कम करके डूबती नौका में पत्थर डालने का काम कर रही है। सरकारों ने यह रवैया नई आर्थिक नीतियों को लागू करने के लिए अपनाया हुआ है। इस तरह निरंतर शिक्षा का व्यापारीकरण और निजीकरण हो रहा है। इससे जहां स्टूडेंट्स की आर्थिक लूट हो रही है, वहीं शिक्षा का स्तर भी निरंतर नीचे जा रहा है।
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पीयू में ज्यादा स्टूडेंट्स मालवा क्षेत्र से आते हैं। इस क्षेत्र के लोगों का प्रमुख व्यवसाय खेतीबाड़ी है लेकिन किसानी सफेद मक्खी, खराब मौसम और सरकार की गलत नीतियों के कारण गंभीर संकट में फंसी हुई है। ऐसी स्थिति में सरकार ने फीसों में वृद्धि करके लोगों के जख्मों पर नमक छिड़का है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। स्टूडेंट्स ने इस मौके पर फीसों में हुई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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