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इना स्प्रिट की तस्करी का पर्दाफाश
अमर उजाला, राजपुरा (पटियाला)
Updated Sat, 19 Oct 2013 11:04 PM IST
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राजपुरा में शराब बनाने के काम आने वाले इना स्प्रिट की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश कर दो को काबू किया है। पुलिस ने 20 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है। खास बात यह है कि उक्त धंधे में पकड़ा गया सिमरजीत सिंह सत्तापक्ष से जुड़ा युवा नेता है।
इस संबंध में एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि पंचकूला निवासी राजेश कुमार, सिमरजीत सिंह उर्फ सम्मी और गुरदीप सिंह उर्फ बाबा केमिकल का कारोबार करते हैं। आरोपी इनोथैल केमिकल की आड़ में इना स्प्रिट का गैरकानूनी धंधा करने में लगे हैं।
इना स्प्रिट अंग्रेजी और देसी शराब बनाने के काम आती है। आरोपी ड्राइवरों से 6 हजार रुपये प्रति ड्रम इना स्प्रिट गांव तेपला में खरीदने के बाद डेराबस्सी में गोदाम में स्टाक कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी इना स्प्रिट को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान के शराब तस्करों को 15 हजार रुपये प्रति ड्रम बेचते हैं।
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आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद गांव जवाहरपुर के पास गोदाम में चेकिंग की तो केमिकल के 460 ड्रम पकड़े। इनकी बाजारी कीमत 68 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है।
पकड़े गए माल से करीब 30 करोड़ रुपये कीमत की शराब बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि आरोपी पिछले करीब 10 साल से गैर कानूनी धंधे को अंजाम दे रहे थे।
आरोपियों की संपत्ति को लेकर मनी लाड्रिंग विभाग को सूचित किया जाएगा। पुलिस एक्साइज विभाग से मिलकर कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। दो लोगों को छोड़े जाने के जवाब में एसएसपी पटियाला मान ने खंडन करते हुए कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
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इस संबंध में एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि पंचकूला निवासी राजेश कुमार, सिमरजीत सिंह उर्फ सम्मी और गुरदीप सिंह उर्फ बाबा केमिकल का कारोबार करते हैं। आरोपी इनोथैल केमिकल की आड़ में इना स्प्रिट का गैरकानूनी धंधा करने में लगे हैं।
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इना स्प्रिट अंग्रेजी और देसी शराब बनाने के काम आती है। आरोपी ड्राइवरों से 6 हजार रुपये प्रति ड्रम इना स्प्रिट गांव तेपला में खरीदने के बाद डेराबस्सी में गोदाम में स्टाक कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी इना स्प्रिट को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान के शराब तस्करों को 15 हजार रुपये प्रति ड्रम बेचते हैं।
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आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद गांव जवाहरपुर के पास गोदाम में चेकिंग की तो केमिकल के 460 ड्रम पकड़े। इनकी बाजारी कीमत 68 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है।
पकड़े गए माल से करीब 30 करोड़ रुपये कीमत की शराब बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि आरोपी पिछले करीब 10 साल से गैर कानूनी धंधे को अंजाम दे रहे थे।
आरोपियों की संपत्ति को लेकर मनी लाड्रिंग विभाग को सूचित किया जाएगा। पुलिस एक्साइज विभाग से मिलकर कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। दो लोगों को छोड़े जाने के जवाब में एसएसपी पटियाला मान ने खंडन करते हुए कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।