फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   Identification of special group of genes that double risk of stroke in Punjabis research by PU Patiala

Research: पंजाबियों में स्ट्रोक के खतरे को दोगुना करने वाले जीन्स के विशेष समूह की पहचान, पीयू पटियाला का शोध

Mon, 17 Feb 2025 03:18 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 17 Feb 2025 03:18 PM IST
सार

स्ट्रोक एक डाॅक्टरी इमरजेंसी है, जिसके नतीजे के तौर पर मौत व दिव्यांग की स्थिति पैदा हो सकती है। विश्व सेहत संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्ट्रोक को दुनिया भर में मौत के सबसे प्रमुख कारणों में दूसरे नंबर पर रखा हुआ है।

विज्ञापन
Identification of special group of genes that double risk of stroke in Punjabis research by PU Patiala
ब्रेन स्ट्रोक - फोटो : Freepik.com

विस्तार

पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में एक शोध के जरिये पंजाबियों के शरीर में पहली बार जीन्स के एक ऐसे समूह की पहचान की गई है, जिसका होना स्ट्रोक के खतरे को दोगुना कर सकता है। 

विज्ञापन


यूनिवर्सिटी के ह्यूमन जेनेटिक्स विभाग से डाॅ. पुनीत पाल सिंह की अगुवाई में शोधकर्ता डाॅ. नितिन कुमार ने शोध के जरिये इस नए हैपलोटाइप (जीन्स के एलील्स रूप का आपसी मेल) के बारे में खुलासा हुआ है, जो पंजाब की आबादी में स्ट्रोक की एक विशेष किस्म इसकैमिक स्ट्रोक के खतरे के लिए काफी जोखिम पैदा करता है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि यह शोध उच्च प्रभाव वाले जरनल इंटरनेशनल जरनल ऑफ इम्युनोजेनेटिक्स में प्रकाशित हुई है। डाॅ. पुनीत पाल सिंह ने इस बारे में बताया कि स्ट्रोक एक डाॅक्टरी इमरजेंसी है, जिसके नतीजे के तौर पर मौत व दिव्यांग की स्थिति पैदा हो सकती है। विश्व सेहत संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्ट्रोक को दुनिया भर में मौत के सबसे प्रमुख कारणों में दूसरे नंबर पर रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत में यह मौत के कारणों में चौथे स्थान पर है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के लिए मुख्य तौर पर माने जाते जोखिम कारकों में हाइपरटेंशन, हाइपरलिपीडिमिया, स्मोकिंग और हवा प्रदूषण के अलावा इंसानी शरीर में कुछ जीन्स भी इस के साथ जुड़े खतरे का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि शोध के दौरान यह सामने आया है कि इंसानी जीनोम में एनएलआरपी 3, एएससी और केसपेज-1 का आपसी विशेष गठजोड़ दिमाग को खून सप्लाई करने वाली नाड़ियों की दीवारों के अंदर सोजिश बढ़ाता है। इसका होना एनएलआरपी 3 इन्फ्लामेसोम नामक समस्या के क्रियाशील होने का कारण बनता है।

जीन्स के विशेष समूह से स्ट्रोक होने का खतरा दोगुना

शोधकर्ता डाॅ. नितिन कुमार ने बताया कि यह अध्ययन यह दर्शाने में समर्थ रहा है कि जिन लोगों में इन जीन्स का एक विशेष किस्म का समूह (सेट) बनता है, उनको स्ट्रोक होने का खतरा दोगुना होता है। यह खतरा उन लोगों के लिए और भी बढ़ जाता है, जिनके बायोकेमिकल मापदंडों के स्तर ऊंचे होते हैं। अध्ययन के दौरान इस क्षेत्र के कुछ और भी अहम खुलासे हुए हैं, जिनको मेडिकल क्षेत्र में काफी सराहना हासिल हुई है। यूनिवर्सिटी के डीन अकादमिक मामले प्रोफेसर नरिंदर कौर मुल्तानी ने शोधकर्ता व उनके निगरान को इस स्तरीय शोध के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी शोध यूनिवर्सिटी के स्तर को और ऊंचा करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed