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सेहत बीमा योजना में मुफ्त इलाज के बजाए 15 हजार रुपये खर्च
ब्यूरो, अमर उजाला रोपड़
Updated Fri, 24 Jun 2016 09:35 PM IST
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रोपड़ के सरकारी अस्तपाल में डीसी को अपनी समस्या बताता महिला मरीज का बेटा।
- फोटो : अमर उजाला
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भगत पूरन सिंह सेहत बीमा योजना के तहत मुफ्त इलाज के बजाए रोपड़ के सरकारी अस्पताल में मरीज कांता रानी के बेटों ने इलाज पर 15 हजार रुपये खर्च होने के आरोप लगाए है। डीसी ने शिकायत सुनकर आगे से अस्पताल से ही दवाएं दिलाने का भरोसा दिया है।
दरअसल डिप्टी कमिशनर करनेश शर्मा ने शुक्रवार को सरकारी अस्पताल व सिविल सर्जन दफ्तर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। डीसी जब अस्पताल के मेडिकल वार्ड का दौरा करने के बाद गाड़ी में बैठ कर वापस जाने लगे तो मरीज कांता रानी के बेटों ने उन्हें रोक लिया। मरीज के बेटे संजीव तथा शाम लाल ने बताया कि डीसी को उनकी मां को वीरवार सुबह अधरंग का अटैक हो गया था।
वह उन्हें सिविल अस्पताल लाए है। यहां भगत पूरन सिंह बीमा योजना का कार्ड होने के बावजूद भी उन्हें इलाज के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे है। मां के इलाज पर अब तक 15 हजार रूपए खर्च आ चुका है। अस्पतालसे उन्हें एक ही दवा दी जा रही है। बाकी की सभी दवाएं वह बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीद रहे है। इस दौरान दोनों अस्पताल के सफाई प्रबंधों व एंबुलेंस की समस्या के बारे में भी डीसी को बताया। इस पर डीसी ने तुरंत एसएमओ को समस्या का हल करने के निर्देश दिए।
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इस संबंध में डीसी ने बताया मरीज के कार्ड स्वाइप सिस्टम में समस्या होने के कारण उन्हें परेशानी आई है। इसके लिए और आपरेटर रखे जाएंगे। डीसी ने कहा कि कि आगे से किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होने कहा कि इस स्कीम के अंर्तगत मरीज को दवा बाहर से नहीं लेनी पड़ेगी। इससे पहले डीसी ने सिविल सर्जन दफ्तर में सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीसी ने फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर की खूब क्लास लगाई। डीसी ने इंस्पेक्टर बिक्कर सिंह को केमिकल से पकाए जा रहे फलों की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए।
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दरअसल डिप्टी कमिशनर करनेश शर्मा ने शुक्रवार को सरकारी अस्पताल व सिविल सर्जन दफ्तर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। डीसी जब अस्पताल के मेडिकल वार्ड का दौरा करने के बाद गाड़ी में बैठ कर वापस जाने लगे तो मरीज कांता रानी के बेटों ने उन्हें रोक लिया। मरीज के बेटे संजीव तथा शाम लाल ने बताया कि डीसी को उनकी मां को वीरवार सुबह अधरंग का अटैक हो गया था।
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वह उन्हें सिविल अस्पताल लाए है। यहां भगत पूरन सिंह बीमा योजना का कार्ड होने के बावजूद भी उन्हें इलाज के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे है। मां के इलाज पर अब तक 15 हजार रूपए खर्च आ चुका है। अस्पतालसे उन्हें एक ही दवा दी जा रही है। बाकी की सभी दवाएं वह बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीद रहे है। इस दौरान दोनों अस्पताल के सफाई प्रबंधों व एंबुलेंस की समस्या के बारे में भी डीसी को बताया। इस पर डीसी ने तुरंत एसएमओ को समस्या का हल करने के निर्देश दिए।
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इस संबंध में डीसी ने बताया मरीज के कार्ड स्वाइप सिस्टम में समस्या होने के कारण उन्हें परेशानी आई है। इसके लिए और आपरेटर रखे जाएंगे। डीसी ने कहा कि कि आगे से किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होने कहा कि इस स्कीम के अंर्तगत मरीज को दवा बाहर से नहीं लेनी पड़ेगी। इससे पहले डीसी ने सिविल सर्जन दफ्तर में सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीसी ने फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर की खूब क्लास लगाई। डीसी ने इंस्पेक्टर बिक्कर सिंह को केमिकल से पकाए जा रहे फलों की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए।