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पटियाला : पंजाब में कोयला संकट के चलते दूसरे दिन भी बंद रहीं थर्मल की पांच यूनिटें, मांग में एक बार फिर वृद्धि
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पटियाला। पंजाब में कोयले का संकट थमता नजर नहीं आ रहा है। विभिन्न थर्मल में वीरवार को मात्र दो से 20 दिनों का ही कोयला बचा था। इस कारण वीरवार को भी कोयला बचाने के लिए पावरकॉम ने रोपड़ की दो व लहरा मुहब्बत प्लांट की एक यूनिट बंद रखी। तलवंडी साबो और गोइंदवाल की एक-एक यूनिट पहले से ही बंद पड़ी है। इससे प्रदेश में 1560 मेगावाट बिजली की सप्लाई ठप रही।
उधर, वीरवार को पंजाब में एक बार फिर से बिजली की मांग में वृद्धि दर्ज की गई। जहां बुधवार को बारिश व ओलावृष्टि के चलते मांग गिरकर 7000 मेगावाट तक रह गई थी, वहीं वीरवार को दिन के वक्त बिजली की अधिकतम मांग 8537 मेगावाट दर्ज की गई। इसके मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 4100 मेगावाट की रही। बाहर से खरीदने के बावजूद बिजली की कमी रहने के कारण कट लगाने पड़े।
रोपड़ प्लांट में चार, लहरा मुहब्बत में दो, तलवंडी साबो में छह, राजपुरा में 20 और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला शेष है। बुधवार को पावरकॉम ने बिजली की मांग कम होने के चलते कोयला बचाने को रोपड़ की एक और लहरा मुहब्बत की एक यूनिट को बंद कर दिया था। रोपड़ की एक यूनिट को मंगलवार को बंद कर दिया था। बुधवार के मुकाबले वीरवार को बिजली की मांग में वृद्धि के बावजूद पावरकॉम ने इन यूनिटों को चालू नहीं किया। उधर तलवंडी साबो और गोइंदवाल की भी एक-एक यूनिट पहले से ही बंद पड़ी है।
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पंजाब में वीरवार को बिजली की 8537 मेगावाट की अधिकतम मांग के मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की कुल आपूर्ति 4100 मेगावाट रही। इनमें से पावरकॉम को अपने रोपड़ व लहरा थर्मलों से 944 मेगावाट, प्राइवेट के तलवंडी साबो, राजपुरा व गोइंदवाल से 2689 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 344 मेगावाट बिजली समेत अन्य स्रोतों से भी बिजली प्राप्त हुई। बावजूद इसके 4437 मेगावाट बिजली की कमी को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से 4100 मेगावाट बिजली ली। फिर भी 337 मेगावाट की कटौती रहने से पावरकॉम को शहरों व गांवों में दो घंटे तक के कट लगाने पड़े।
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उधर, वीरवार को पंजाब में एक बार फिर से बिजली की मांग में वृद्धि दर्ज की गई। जहां बुधवार को बारिश व ओलावृष्टि के चलते मांग गिरकर 7000 मेगावाट तक रह गई थी, वहीं वीरवार को दिन के वक्त बिजली की अधिकतम मांग 8537 मेगावाट दर्ज की गई। इसके मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 4100 मेगावाट की रही। बाहर से खरीदने के बावजूद बिजली की कमी रहने के कारण कट लगाने पड़े।
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रोपड़ प्लांट में चार, लहरा मुहब्बत में दो, तलवंडी साबो में छह, राजपुरा में 20 और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला शेष है। बुधवार को पावरकॉम ने बिजली की मांग कम होने के चलते कोयला बचाने को रोपड़ की एक और लहरा मुहब्बत की एक यूनिट को बंद कर दिया था। रोपड़ की एक यूनिट को मंगलवार को बंद कर दिया था। बुधवार के मुकाबले वीरवार को बिजली की मांग में वृद्धि के बावजूद पावरकॉम ने इन यूनिटों को चालू नहीं किया। उधर तलवंडी साबो और गोइंदवाल की भी एक-एक यूनिट पहले से ही बंद पड़ी है।
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पंजाब में वीरवार को बिजली की 8537 मेगावाट की अधिकतम मांग के मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की कुल आपूर्ति 4100 मेगावाट रही। इनमें से पावरकॉम को अपने रोपड़ व लहरा थर्मलों से 944 मेगावाट, प्राइवेट के तलवंडी साबो, राजपुरा व गोइंदवाल से 2689 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 344 मेगावाट बिजली समेत अन्य स्रोतों से भी बिजली प्राप्त हुई। बावजूद इसके 4437 मेगावाट बिजली की कमी को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से 4100 मेगावाट बिजली ली। फिर भी 337 मेगावाट की कटौती रहने से पावरकॉम को शहरों व गांवों में दो घंटे तक के कट लगाने पड़े।