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Patiala News: प्रदेश भर में किसानों ने पुतले फूंककर किया प्रदर्शन कई नजरबंद, 15 अगस्त को निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च
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-हरियाणा सरकार के छह पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किए जाने का विरोध
-उत्तर प्रदेश के संभल, जींद के उचाना व कुरुक्षेत्र के पिपली में होंगी महापंचायतें
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और एसकेएम (गैर राजनीतिक) के आह्वान पर वीरवार को प्रदेश भर में बड़ी संख्या में किसानों ने पुतले फूंक कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई किसानों को नजरबंद भी कर दिया गया। डीसी दफ्तरों के बाहर किसानों ने केंद्र व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान संगठन हरियाणा सरकार के उन छह पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किए जाने का विरोध कर रहे हैं, जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर लाठियां बरसाईं और फायरिंग की।
पटियाला में किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर जमकर मोदी व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि केंद्र की ओर से हरियाणा सरकार के उन्हीं पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिन्होंने बाॅर्डरों पर किसानों पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान एक नौजवान किसान शुभकरण सिंह की मौत हो गई थी और करीब 400 किसान घायल हो गए थे। इसके बाद 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। इस मौके पर नए बने कानूनों की काॅपियां फूंकी जाएंगी और साथ ही किसान व मजदूर विरोधी रहे बजट के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। सवाजपुर ने कहा कि शंभू व खनौरी बाॅर्डरों पर लगातार किसानों की गिनती बढ़ रही है, जबकि केंद्र सरकार बाॅर्डरों पर चल रहे आंदोलन को लेकर गलत प्रचार कर रही है।
शंभू बार्डर पर पत्रकार वार्ता में किसान नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, संभल समेत कई जिलों में किसान नेताओं को घर में ही नजरबंद किया गया और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। किसान आंदोलन की मजबूती के लिए 27 अगस्त को तमिलनाडु व 29 अगस्त को कर्नाटक के हुबली में जनसभाएं हाेंगी। 1 सितंबर को उत्तर प्रदेश के संभल, 15 सितंबर को जींद के उचाना की नई अनाज मंडी व 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में राष्ट्रीय स्तर की किसान महापंचायत की जाएंगी।
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इस आंदोलन से केंद्र सरकार पर दवाब बढ़ रहा है। यही वजह है कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। आगे कहा कि हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनाव नजदीक हैं और अगर अब भी मोदी सरकार नहीं चेती और किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो फिर लोकसभा चुनाव की तरह इन चुनावों में नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों व मजदूरों के कर्जों की माफी के अलावा किसानों पर दर्ज केस वापस लेने, लखीमपुर खीरी कांड में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल है।
लुधियाना में डीसी ऑफिस का घेराव, मांग पत्र सौंपा
लुधियाना। हरियाणा पुलिस की गोली का शिकार हुए शुभकरण की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने डीसी दफ्तर का घेराव किया गया। किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने डीसी साक्षी साहनी के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा और उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई। किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार सरकार ने शुभकरण और निहत्थे किसानों पर गोलियां चलाने वालों को राष्ट्रपति अवाॅर्ड के लिए चुना गया है, जो बेहद निराशाजनक है। किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा के मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी किसानों के प्रति बेहद घटिया शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इसकी निंदा करते हैं। -संवाद
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अमृतसर में निकाला मार्च, बोले- किसानों पर हो रहे अत्याचार
अमृतसर। किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ने किसान मजदूर संघर्ष के कार्यक्रम के तहत वीरवार को अमृतसर में किसान नेता सरवण सिंह पंधेर और जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला के नेतृत्व में विशाल रोष मार्च निकाला किया। प्रदर्शनकारियों ने डीसी ऑफिस के बाहर केंद्र और हरियाणा सरकारों के पुतले फूंके। किसान नेता गुरबचन सिंह चाबा और जर्मनजीत सिंह बंडाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे, अपने ही देश के किसानों पर अत्याचार किया। शुभकरण को मार डाला। किसान नेता बचित्र सिंह कोटला, सुखजीत सिंह हरदोझंडे और पलविंदर महल ने कहा कि आंदोलन स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर सभी फसलों के दाम और एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने, मनरेगा के तहत साल में 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन, 10 हजार रुपये पेंशन की मांग पर आधारित है। इस मौके पर किसान नेता बलदेव सिंह बग्गा, सकत्तर सिंह कोटला, बाज सिंह सारंगरा, लखविंदर सिंह डाला, गुरदेव सिंह गग्गोमहल, बलविंदर सिंह बिंदु, कंधार सिंह भोएवाल, सुखदेव सिंह चाटीविंड और कंवर दलिप सैदोलेहल समेत विभिन्न किसान नेताओं ने संबोधित किया। -संवाद
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-उत्तर प्रदेश के संभल, जींद के उचाना व कुरुक्षेत्र के पिपली में होंगी महापंचायतें
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और एसकेएम (गैर राजनीतिक) के आह्वान पर वीरवार को प्रदेश भर में बड़ी संख्या में किसानों ने पुतले फूंक कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई किसानों को नजरबंद भी कर दिया गया। डीसी दफ्तरों के बाहर किसानों ने केंद्र व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान संगठन हरियाणा सरकार के उन छह पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किए जाने का विरोध कर रहे हैं, जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर लाठियां बरसाईं और फायरिंग की।
पटियाला में किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर जमकर मोदी व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि केंद्र की ओर से हरियाणा सरकार के उन्हीं पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिन्होंने बाॅर्डरों पर किसानों पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान एक नौजवान किसान शुभकरण सिंह की मौत हो गई थी और करीब 400 किसान घायल हो गए थे। इसके बाद 15 अगस्त को देश भर में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। इस मौके पर नए बने कानूनों की काॅपियां फूंकी जाएंगी और साथ ही किसान व मजदूर विरोधी रहे बजट के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। सवाजपुर ने कहा कि शंभू व खनौरी बाॅर्डरों पर लगातार किसानों की गिनती बढ़ रही है, जबकि केंद्र सरकार बाॅर्डरों पर चल रहे आंदोलन को लेकर गलत प्रचार कर रही है।
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शंभू बार्डर पर पत्रकार वार्ता में किसान नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, संभल समेत कई जिलों में किसान नेताओं को घर में ही नजरबंद किया गया और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। किसान आंदोलन की मजबूती के लिए 27 अगस्त को तमिलनाडु व 29 अगस्त को कर्नाटक के हुबली में जनसभाएं हाेंगी। 1 सितंबर को उत्तर प्रदेश के संभल, 15 सितंबर को जींद के उचाना की नई अनाज मंडी व 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में राष्ट्रीय स्तर की किसान महापंचायत की जाएंगी।
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इस आंदोलन से केंद्र सरकार पर दवाब बढ़ रहा है। यही वजह है कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। आगे कहा कि हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनाव नजदीक हैं और अगर अब भी मोदी सरकार नहीं चेती और किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो फिर लोकसभा चुनाव की तरह इन चुनावों में नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों व मजदूरों के कर्जों की माफी के अलावा किसानों पर दर्ज केस वापस लेने, लखीमपुर खीरी कांड में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल है।
लुधियाना में डीसी ऑफिस का घेराव, मांग पत्र सौंपा
लुधियाना। हरियाणा पुलिस की गोली का शिकार हुए शुभकरण की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने डीसी दफ्तर का घेराव किया गया। किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं ने डीसी साक्षी साहनी के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा और उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई। किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार सरकार ने शुभकरण और निहत्थे किसानों पर गोलियां चलाने वालों को राष्ट्रपति अवाॅर्ड के लिए चुना गया है, जो बेहद निराशाजनक है। किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा के मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी किसानों के प्रति बेहद घटिया शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इसकी निंदा करते हैं। -संवाद
अमृतसर में निकाला मार्च, बोले- किसानों पर हो रहे अत्याचार
अमृतसर। किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ने किसान मजदूर संघर्ष के कार्यक्रम के तहत वीरवार को अमृतसर में किसान नेता सरवण सिंह पंधेर और जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कलेर बाला के नेतृत्व में विशाल रोष मार्च निकाला किया। प्रदर्शनकारियों ने डीसी ऑफिस के बाहर केंद्र और हरियाणा सरकारों के पुतले फूंके। किसान नेता गुरबचन सिंह चाबा और जर्मनजीत सिंह बंडाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे, अपने ही देश के किसानों पर अत्याचार किया। शुभकरण को मार डाला। किसान नेता बचित्र सिंह कोटला, सुखजीत सिंह हरदोझंडे और पलविंदर महल ने कहा कि आंदोलन स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर सभी फसलों के दाम और एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने, मनरेगा के तहत साल में 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन, 10 हजार रुपये पेंशन की मांग पर आधारित है। इस मौके पर किसान नेता बलदेव सिंह बग्गा, सकत्तर सिंह कोटला, बाज सिंह सारंगरा, लखविंदर सिंह डाला, गुरदेव सिंह गग्गोमहल, बलविंदर सिंह बिंदु, कंधार सिंह भोएवाल, सुखदेव सिंह चाटीविंड और कंवर दलिप सैदोलेहल समेत विभिन्न किसान नेताओं ने संबोधित किया। -संवाद