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किसान नहीं बचा तो देश भी नहीं बचेगाः एसजीपीसी सदस्य
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब
Updated Sun, 08 May 2016 03:17 PM IST
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जत्थेदार करनैल सिंह पंजोली।
- फोटो : अमर उजाला
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी सदस्य करनैल सिंह पंजोली ने प्रेस बयान में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर दोष लगाया कि वह पंजाब अंदर हर रोज हो रही किसानों की आत्महत्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। जत्थेदार पंजोली ने कहा कि यदि आज पंजाब का किसान न बचाया गया तो देश को बचाना भी कठिन हो जाएगा।
पंजोली ने कहा आज पंजाब का किसान आर्थिक संकट में घिरा हुआ है। इस लिए केंद्र सरकार को बिना देरी पंजाब के किसान के सिर पर चढ़े कर्ज के बौझ और आढ़तियों की देनदारी पर मुकम्मल तौर पर निपटा देना चाहिए क्योंकि पंजाब अंदर ही नहीं बल्कि पूरे भारत में खेती का धंधा मुकम्मल तौर पर फेल हो चूका है। साथ ही खेती के सहायक धंधे डेयरी फार्म समेत अन्य धंधे डूब चुके हैं। क्योंकि इन सभी सहायक धंधों में इस्तेमाल होने वाला (कच्चा माल) बहुत महंगा हो चुका है। दूध का भाव किसान के खर्च को कम करने से असमर्थ है। दूसरी और सहायक धंधों पर कामर्शियल बिजली बिल रेट लगाए जाते हैं, जबकि ये कोई इंडस्ट्री नहीं है। इन सभी बातों पर गौर से पंजाब एवं केंद्र सरकार को ध्यान देने की जरूरत है, ताकि किसान आत्महत्याओं के रास्ते पर न निकले।
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पंजोली ने कहा आज पंजाब का किसान आर्थिक संकट में घिरा हुआ है। इस लिए केंद्र सरकार को बिना देरी पंजाब के किसान के सिर पर चढ़े कर्ज के बौझ और आढ़तियों की देनदारी पर मुकम्मल तौर पर निपटा देना चाहिए क्योंकि पंजाब अंदर ही नहीं बल्कि पूरे भारत में खेती का धंधा मुकम्मल तौर पर फेल हो चूका है। साथ ही खेती के सहायक धंधे डेयरी फार्म समेत अन्य धंधे डूब चुके हैं। क्योंकि इन सभी सहायक धंधों में इस्तेमाल होने वाला (कच्चा माल) बहुत महंगा हो चुका है। दूध का भाव किसान के खर्च को कम करने से असमर्थ है। दूसरी और सहायक धंधों पर कामर्शियल बिजली बिल रेट लगाए जाते हैं, जबकि ये कोई इंडस्ट्री नहीं है। इन सभी बातों पर गौर से पंजाब एवं केंद्र सरकार को ध्यान देने की जरूरत है, ताकि किसान आत्महत्याओं के रास्ते पर न निकले।
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