फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   Farmer protest 2.0 complete one year Kisan Mahapanchayat at Khanauri Border on 12th Feb

किसान आंदोलन 2.0 का एक साल: खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत, देशवासियों के नाम संदेश देंगे डल्लेवाल

Tue, 11 Feb 2025 08:36 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Tue, 11 Feb 2025 08:36 PM IST
सार

पंजाब व हरियाणा की सीमा पर मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन 2.0 को एक साल पूरा हो गया है। इस सिलसिले में बुधवार को खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत की जा रही है। आमरण अनशन कर रहे किसान नेता महापंचायत को संबोधित करेंगे। 

विज्ञापन
Farmer protest 2.0 complete one year Kisan Mahapanchayat at Khanauri Border on 12th Feb
किसान महापंचायत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खनौरी और शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन 2.0 का एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य पर खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को बड़ी किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बड़ी गिनती में किसानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह रहेगी कि इस मौके पर किसान नेता जगजीत सिंह देशवासियों के नाम महत्वपूर्ण संदेश देंगे। वहीं मंगलवार को डल्लेवाल के आमरण अनशन को 78वें दिन पूरे हो गए हैं। मेडिकल सहायता दोबारा शुरू होने से अब डल्लेवाल की सेहत में सुधार है। 

विज्ञापन


उधर शंभू बॉर्डर पर वीरवार (13 फरवरी) को महापंचायत की जाएगी, जिसमें हिस्सा लेने के लिए किसानों की आमद का सिलसिला शुरू भी हो गया है। दोनों मोर्चों के तय कार्यक्रम के मुताबिक मंगलवार को हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर स्थित रत्नपुरा मोर्चे पर किसान महापंचायत हुई। इसमें भारी गिनती में किसानों ने भाग लिया।
विज्ञापन


बुधवार की किसान महापंचायत के लिए खनौरी बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक हुई। इसमें लंगर, पानी, पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ मंच संचालन आदि की तैयारियों का जायजा लिया गया। शंभू बॉर्डर पर भी महापंचायत की तैयारियों को लेकर बैठक की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि शंभू बॉर्डर पर बुधवार को गुरु रविदास का प्रकाश दिवस भी मनाया जाएगा। एक साल से किसानों ने चिलचिलाती धूप, बारिश एवं कड़कड़ाती ठंड का सामना किया। बावजूद आज भी किसानों के हौसले बुलंद हैं। सरकार अब भी हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है। किसानों की लड़ाई किसी पार्टी विशेष से नहीं बल्कि सरकारों की कॉरपोरेट हितैषी नीतियों के खिलाफ है। जब राजनीतिक पार्टियां विपक्ष में होती हैं तो उनकी बोली कुछ ओर होती है और सत्ता में आने के बाद अपनी बात से ही 180 डिग्री का यू-टर्न मार लेते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed