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पटियाला : पशुओं के लिए चारा लेने गया था किसान, मीरांपुर चो में डूबने से गई जान
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पटियाला। निकटवर्ती गांव ससा गुजरां के एक किसान की मीरांपुर चो नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक किसान की पहचान भोला सिंह (48) के तौर पर हुई है। गांव के रहने वाले जगमेल सिंह ने बताया कि भोला सिंह शुक्रवार सुबह बैल रेहड़ा लेकर गांव हासमपुर मांगटां स्थित अपने खेत में पशुओं के लिए हरा चारा लेने गया था। जब देर शाम तक किसान वापस न लौटा, तो उसके परिजनों ने गोताखोरों को साथ लेकर गांव हासमपुर मांगटां के नजदीक ही मीरांपुर चो नदी में तलाश शुरू की। इस दौरान शनिवार सुबह मीरांपुर चो में बने रैंप से आगे मरा बैल और इससे कुछ आगे बूटी में फंसी किसान की लाश बरामद हो गई।
गांववासियों के मुताबिक गांव हासमपुर मांगटां आने-जाने के लिए मीरांपुर चो नदी में बने रैंप पर से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में हर समय राहगीरों को जान पर खेलते हुए यहां से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। लंबे समय से इस नदी पर पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार के सिर पर अब तक जूं नहीं रेंगी। बीते दिन हासमपुर मांगटां समेत अन्य नजदीकी गांवों के लोगों की ओर से ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को मीरांपुर चो में बनी बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया गया था। उधर, भाकियू एकता (डकौंदा) के ब्लाक प्रधान मुख्तियार सिंह ककेपुर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पंजाब सरकार से मांग की है कि मरने वाले किसान भोला सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही चेताया कि अगर इस नदी पर जल्द पुल का निर्माण न किया, तो आंदोलन किया जाएगा।
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गांववासियों के मुताबिक गांव हासमपुर मांगटां आने-जाने के लिए मीरांपुर चो नदी में बने रैंप पर से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में हर समय राहगीरों को जान पर खेलते हुए यहां से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। लंबे समय से इस नदी पर पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार के सिर पर अब तक जूं नहीं रेंगी। बीते दिन हासमपुर मांगटां समेत अन्य नजदीकी गांवों के लोगों की ओर से ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को मीरांपुर चो में बनी बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया गया था। उधर, भाकियू एकता (डकौंदा) के ब्लाक प्रधान मुख्तियार सिंह ककेपुर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पंजाब सरकार से मांग की है कि मरने वाले किसान भोला सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही चेताया कि अगर इस नदी पर जल्द पुल का निर्माण न किया, तो आंदोलन किया जाएगा।
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