{"_id":"576ab9834f1c1bda54b47f94","slug":"electric-employee-picket-government-protesting-asking-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ बिजली मुलाजिमों का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के खिलाफ बिजली मुलाजिमों का धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 22 Jun 2016 09:45 PM IST
विज्ञापन
पटियाला में सरकार के खिलाफ मांगों को लेकर धरना देते बिजली मुलाजिम।
- फोटो : पटियाला में सरकार के खिलाफ मांगों को लेकर धरना देते बिजली मुलाजिम।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मांगों को लेकर सरकार के अड़ियल रवैए के खिलाफ बिजली मुलाजिमों का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा है। बुधवार को टेक्निकल सर्विस यूनियन के बैनर तले सब अर्बन डिवीजन पटियाला और पूर्व मंडल के बिजली मुलाजिमों ने संयुक्त तौर पर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए बिजली मुलाजिम लीडरों रजिंदर सिंह, विजय देव, बनारसी दास ने कहा कि बिजली निगमों में आउट सोर्सिंग व निजीकरण के बढ़ते चलन को खत्म किया जाए। साथ ही पे बैंड दिसंबर 2011 से लागू किया जाए, डीए की किश्तों का बकाया जल्द दिया जाए, डिसमिस बिजली मुलाजिमों को बहाल किया जाए। उन पर दर्ज पुलिस व कोर्ट केस वापस लिए जाएं।
इसके अलावा पेंशनों में की 33 फीसदी की कटौती रद्द की जाए और बिजली निगमों में खाली पडे़ पदों पर रेगुलर भरती की जाए। इस मौके पर मांगों को लेकर 29 जून को मॉडल टाउन मंडल पटियाला की ओर से धरना देने का एलान किया गया। इसके बाद जुलाई के पहले हफ्ते में होने वाले प्रदेशस्तरीय धरने में ज्यादा से ज्यादा बिजली मुलाजिमों से भाग लेने की अपील की गई। मुख्यमंत्री के फील्ड में आने पर उनके खिलाफ काले झंडों के साथ रोष प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। सरकार की ओर से राजिंदरा अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और अध्यापकों पर किए जा रहे अत्याचार की निंदा की गई। केंद्र सरकार से बढ़ती महंगाई पर लगाम कसने की मांग की गई।
विज्ञापन
इसके अलावा पेंशनों में की 33 फीसदी की कटौती रद्द की जाए और बिजली निगमों में खाली पडे़ पदों पर रेगुलर भरती की जाए। इस मौके पर मांगों को लेकर 29 जून को मॉडल टाउन मंडल पटियाला की ओर से धरना देने का एलान किया गया। इसके बाद जुलाई के पहले हफ्ते में होने वाले प्रदेशस्तरीय धरने में ज्यादा से ज्यादा बिजली मुलाजिमों से भाग लेने की अपील की गई। मुख्यमंत्री के फील्ड में आने पर उनके खिलाफ काले झंडों के साथ रोष प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई। सरकार की ओर से राजिंदरा अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और अध्यापकों पर किए जा रहे अत्याचार की निंदा की गई। केंद्र सरकार से बढ़ती महंगाई पर लगाम कसने की मांग की गई।
विज्ञापन