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डंपिंग ग्राउंड के खिलाफ मेयर दफ्तर पर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 20 May 2015 10:36 PM IST
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गांव दूधड़ में 35 म्यूनिसिपल कमेटियों के कूड़ा कर्कट के लिए डंप बनाने खिलाफ चल रहे आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। बुधवार को डंप विरोधी एक्शन कमेटी की ओर से मिनी सचिवालय के बाहर शुरू क्रमिक भूख हड़ताल तीसरे दिन में प्रवेश कर गई।
वहीं विभिन्न गांवों डकाला, त्रैं, झंडी, कलरभैनी, दूधड़, जलालखेड़ा, बठोई, खुर्द, बलवेड़ा, ननानसू, देवीनगर, करहाली, सवाजपुर के लोगों ने मिनी सचिवालय से लेकर थापर कालेज और फिर 22 नंबर फाटक से होते हुए लीला भवन, फब्बारा चौक से लेकर नगर निगम दफ्तर तक रोष मार्च निकाला और मेयर अमरिंदर बजाज के दफ्तर के बाहर धरना दिया गया।
इस मौके पर पवितर सिंह, प्रोफेसर बावा सिंह ने कहा कि दूधड़ गांव पहले ही शराब फैक्टरी, गत्ता मिलों, पोल्ट्री फार्म और पटियाला से निकलते गंदे नाले, नदी आदि के कारण हवा व पानी के प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में अब यहां अगर गंदगी का डंप बन जाएगा, तो लोगों का रहना दूभर हो जाएगा।
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बीमारियां फैलने का खतरा है, लेकिन प्रशासन है कि लोगों की समस्या को समझ नहीं आ रहा है। डंप विरोधी एक्शन कमेटी ने 25 मई को इस मामले के विरोध में कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के दफ्तर लीला भवन चौक में धरना लगाकर रोड जाम करने की चेतावनी दी।
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वहीं विभिन्न गांवों डकाला, त्रैं, झंडी, कलरभैनी, दूधड़, जलालखेड़ा, बठोई, खुर्द, बलवेड़ा, ननानसू, देवीनगर, करहाली, सवाजपुर के लोगों ने मिनी सचिवालय से लेकर थापर कालेज और फिर 22 नंबर फाटक से होते हुए लीला भवन, फब्बारा चौक से लेकर नगर निगम दफ्तर तक रोष मार्च निकाला और मेयर अमरिंदर बजाज के दफ्तर के बाहर धरना दिया गया।
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इस मौके पर पवितर सिंह, प्रोफेसर बावा सिंह ने कहा कि दूधड़ गांव पहले ही शराब फैक्टरी, गत्ता मिलों, पोल्ट्री फार्म और पटियाला से निकलते गंदे नाले, नदी आदि के कारण हवा व पानी के प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में अब यहां अगर गंदगी का डंप बन जाएगा, तो लोगों का रहना दूभर हो जाएगा।
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बीमारियां फैलने का खतरा है, लेकिन प्रशासन है कि लोगों की समस्या को समझ नहीं आ रहा है। डंप विरोधी एक्शन कमेटी ने 25 मई को इस मामले के विरोध में कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के दफ्तर लीला भवन चौक में धरना लगाकर रोड जाम करने की चेतावनी दी।