{"_id":"572b74f74f1c1b61145cdc6d","slug":"dsp-court-guilty-asi-punishmrnt-crime-court-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी समेत दो पुलिस अधिकारियों को कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी समेत दो पुलिस अधिकारियों को कैद
ब्यूरो,अमर उजाला/पटियाला
Updated Thu, 05 May 2016 09:59 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : demo photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला की अदालत ने वीरवार को फतेहगढ़ साहिब के डीएसपी समेत दो पुलिस अफसरों को चार-चार महीने की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह दोनों पुलिस अधिकारी एक कत्ल केस में कोर्ट में गवाही देने नहीं गए थे। यह मामला साल 2014 का है। उस समय केस में दोषी करार कर्णशेर सिंह, जो वर्तमान में फतेहगढ़ साहिब में डीएसपी हैं, वह पटियाला के त्रिपड़ी थाने में इंस्पेक्टर थे। केस का दूसरा दोषी एएसआई हरमिंदर सिंह जो इस समय बरनाला में तैनात है, वह भी कर्णशेर सिंह के साथ त्रिपड़ी थाने में लगा था।
दोनों एक कत्ल केस के सिलसिले में कोर्ट की ओर से गवाही देने के लिए बार-बार समन वारंट जारी करने के बावजूद पेश नहीं हुए। यह केस स्टेट वर्सेज हरप्रीत था और एफआईआर नंबर 105/12 अधीन धारा 302 आईपीसी था। केस में गवाही देने के लिए न आने पर संबंधित अदालत के एडिशनल सेशन जज रजिंदर अग्रवाल ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सेक्शन 174 आईपीसी यानी कानूनी आदेश का पालन न करने के आरोप तहत केस दर्ज करा दिया था। आज इस केस में सुनवाई के बाद जुडीशियल मजिस्ट्रेट सुखविंदर सिंह की कोर्ट ने दोनों पुलिस अधिकारियों को कानूनी हुक्म का पालन न करने का दोषी पाते हुए चार-चार महीने की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
यह दोनों पुलिस अधिकारी एक कत्ल केस में कोर्ट में गवाही देने नहीं गए थे। यह मामला साल 2014 का है। उस समय केस में दोषी करार कर्णशेर सिंह, जो वर्तमान में फतेहगढ़ साहिब में डीएसपी हैं, वह पटियाला के त्रिपड़ी थाने में इंस्पेक्टर थे। केस का दूसरा दोषी एएसआई हरमिंदर सिंह जो इस समय बरनाला में तैनात है, वह भी कर्णशेर सिंह के साथ त्रिपड़ी थाने में लगा था।
दोनों एक कत्ल केस के सिलसिले में कोर्ट की ओर से गवाही देने के लिए बार-बार समन वारंट जारी करने के बावजूद पेश नहीं हुए। यह केस स्टेट वर्सेज हरप्रीत था और एफआईआर नंबर 105/12 अधीन धारा 302 आईपीसी था। केस में गवाही देने के लिए न आने पर संबंधित अदालत के एडिशनल सेशन जज रजिंदर अग्रवाल ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सेक्शन 174 आईपीसी यानी कानूनी आदेश का पालन न करने के आरोप तहत केस दर्ज करा दिया था। आज इस केस में सुनवाई के बाद जुडीशियल मजिस्ट्रेट सुखविंदर सिंह की कोर्ट ने दोनों पुलिस अधिकारियों को कानूनी हुक्म का पालन न करने का दोषी पाते हुए चार-चार महीने की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन