डल्लेवाल के इलाज में लापरवाही: किसानों और डॉक्टरों के बीच तनातनी, चिकित्सकों पर इलाज से इनकार का लगाया आरोप
खनौरी बॉर्डर पर 58 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के इलाज के लिए तैनात चिकित्सकों ने इलाज से इनकार कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की तरफ से डल्लेवाल के इलाज में लापरवाही बरती जा रही है।
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खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को मेडिकल सहायता देने के लिए तैनात राजिंदरा अस्पताल के डॉक्टरों और धरनारत किसानों के बीच तनातनी हो गई। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई। किसान नेताओं ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। इसके बाद डल्लेवाल ने ड्रिप लगवाने से इनकार कर दिया और साफ शब्दों में कहा कि अब वह प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही ड्रिप लगवाएंगे।
किसान नेताओं की ओर से शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. जगपालइंद्र सिंह की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक टीम खनौरी बॉर्डर पहुंची और डल्लेवाल व अन्य किसान नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद किसान नेता अभिमन्यु सिंह कोहाड़ ने कहा कि अधिकारियों की तरफ से भरोसा दिलाया गया है कि इस तरह की गलती भविष्य में दोबारा नहीं होगी। इसके बाद डल्लेवाल ने 15 घंटे के अंतराल के बाद ड्रिप लगवा ली है। टीम की तरफ से भरोसा दिलाया गया है कि प्रोफेसर ऑफ मेडिसिन रैंक के डॉक्टरों को अब डल्लेवाल के लिए इलाज में बॉर्डर पर 24 घंटे तैनात किया जाएगा। डॉक्टरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
ड्यूटी डॉक्टर ने बढ़ा दी ड्रीप की स्पीड
किसान नेता अभिमन्यु सिंह कोहाड़ ने बताया कि मंगलवार देर रात डल्लेवाल को ड्रिप लगाई हुई थी, जिसमें एक छोटी बोतल भी थी। इसका एक तय समय होता है, जिसमें इसे खत्म कर लेना होता है। उस समय ड्यूटी पर तैनात सरकारी डॉक्टर से लापरवाही हुई। उसे लगा कि बोतल खत्म होने में ज्यादा समय ले लगी। क्योंकि करीब 45 मिनट हो गए थे और एक घंटे में यह बोतल खत्म हो जानी चाहिए थी। इसके चलते डॉक्टर ने ड्रिप की स्पीड ज्यादा बढ़ा दी। इससे डल्लेवाल की बाजू में तेज दर्द होने लगा और ब्लीडिंग भी हुई। कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल की जिंदगी इतनी सस्ती नहीं है कि उनकी सेहत के साथ इस तरह की लापरवाही बरती जाए। कोहाड़ ने कहा कि मंगलवार रात डल्लेवाल के इलाज के लिए सीनियर व स्पेशलिस्ट डाक्टर ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे।
अधिकारियों ने मांगी माफी
वहीं दूसरी तरफ मंगलवार रात ड्यूटी पर तैनात राजिंदरा के डॉक्टरों ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पत्र लिखकर किसानों पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने व अभ्रद भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाते डल्लेवाल का इलाज करने से इनकार कर दिया। इस सारे प्रकरण के बीच वरिष्ट डॉक्टरों व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम बॉर्डर पहुंची। किसान नेता कोहाड़ के मुताबिक टीम डल्लेवाल से मिली और किसान नेता ने उन्हें सारे प्रकरण के बारे में बताया। इसके बाद अधिकारियों ने माफी मांगी है और भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं होगी। कोहाड़ ने किसानों की तरफ से डॉक्टरों के साथ दुव्यर्वहार करने के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इस तरह के गलत आरोप लगा रहे हैं।
58 दिन बाद डल्लेवाल को ताजी हवा व रोशनी में लाया गया
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन बुधवार को 58वें दिन जारी रहा। 58 दिन बाद डल्लेवाल को खुली, ताजी हवा और रोशनी में लाया गया। दोपहर लगभग 2 बजे डल्लेवाल को ट्राली से स्ट्रेचर के जरिये बाहर लाया गया। बाहर आने पर डल्लेवाल ने कहा कि सबसे पहले वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने नतमस्तक होना चाहते हैं, क्योंकि गुरुओं के आशीर्वाद से ही केंद्र सरकार को बातचीत के मेज पर आने को मजबूर करने में सफल हो पाए हैं। इसके बाद किसान नेताओं, वरिष्ठ डॉक्टरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में डल्लेवाल अपनी नई मॉडिफाई ट्राली में शिफ्ट किया गया। डल्लेवाल के लिए एक नया कमरा तैयार किया जा रहा है, जिसे पूरी तरह तैयार होने में अभी 2-3 दिन का समय लगेगा।
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