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Patiala News: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने तीन घंटे बंद रखीं ओपीडी सेवाएं
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लंबी लाइनों में लगे मरीज हुए परेशान, अगले दो दिन भी इसी तरह से आंदोलन जारी रहेगा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला के सरकारी माता कौशल्या अस्पताल, नाभा, समाना व राजपुरा के सिविल अस्पतालों के अलावा जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में सोमवार को डाॅक्टरों ने सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन की ओर से की जा रही इस हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशान होना पड़ा। डाॅ. सुमित सिंह ने बताया कि एसोसिएशन ने पहले तीन दिन सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक हड़ताल करने का फैसला लिया है। इसके तहत मंगलवार व बुधवार को भी इसी तरह से तीन घंटों के लिए डाॅक्टर कामकाज का बायकाट करेंगे। वहीं इस आंदोलन के दूसरे चरण में 12 सितंबर से पूरे समय के लिए सभी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। केवल इमरजेंसी सेवाएं ही बहाल रखी जाएंगी। इसलिए सरकार से मांग है कि डाॅक्टरों की मांगों का जल्द से जल्द हल किया जाए।
जिन मरीजों को डाॅक्टरों की हड़ताल के बारे में पता नहीं था, वह चेकअप के लिए ओपीडी में पहुंचे थे। लेकिन वहां डाॅक्टरों के न होने से मरीज काफी परेशान दिखे। एसोसिएशन ने इस मौके पर अस्पतालों में डाॅक्टरों की समयबद्ध तरक्की न होने का विरोध किया। एसोसिएशन ने सवाल किया कि क्या डाॅक्टरों की पदोन्नितयां रोककर सरकार अस्पतालों को खत्म करना चाहती है। डाॅ. सुमित सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार के ही दूसरे विभाग चिकित्सा शिक्षा व शोध में डाॅक्टरों को 4 व 7 साल पर तरक्की दी जा रही है, फिर सबसे जरूरी सेहत विभाग की तरक्की पर ग्रहण क्यों लगाया जा रहा है। डाॅ. सुमित सिंह ने कहा कि बीते दिन ही मोहाली में एक गर्भवती डाॅक्टर पर ड्यूटी के दौरान हमला किया गया है। इसलिए मांग है कि सेहत मंत्री केवल दावों के बजाय अस्पतालों में डाॅक्टरों की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर प्रबंध करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला के सरकारी माता कौशल्या अस्पताल, नाभा, समाना व राजपुरा के सिविल अस्पतालों के अलावा जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में सोमवार को डाॅक्टरों ने सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन की ओर से की जा रही इस हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशान होना पड़ा। डाॅ. सुमित सिंह ने बताया कि एसोसिएशन ने पहले तीन दिन सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक हड़ताल करने का फैसला लिया है। इसके तहत मंगलवार व बुधवार को भी इसी तरह से तीन घंटों के लिए डाॅक्टर कामकाज का बायकाट करेंगे। वहीं इस आंदोलन के दूसरे चरण में 12 सितंबर से पूरे समय के लिए सभी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। केवल इमरजेंसी सेवाएं ही बहाल रखी जाएंगी। इसलिए सरकार से मांग है कि डाॅक्टरों की मांगों का जल्द से जल्द हल किया जाए।
जिन मरीजों को डाॅक्टरों की हड़ताल के बारे में पता नहीं था, वह चेकअप के लिए ओपीडी में पहुंचे थे। लेकिन वहां डाॅक्टरों के न होने से मरीज काफी परेशान दिखे। एसोसिएशन ने इस मौके पर अस्पतालों में डाॅक्टरों की समयबद्ध तरक्की न होने का विरोध किया। एसोसिएशन ने सवाल किया कि क्या डाॅक्टरों की पदोन्नितयां रोककर सरकार अस्पतालों को खत्म करना चाहती है। डाॅ. सुमित सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार के ही दूसरे विभाग चिकित्सा शिक्षा व शोध में डाॅक्टरों को 4 व 7 साल पर तरक्की दी जा रही है, फिर सबसे जरूरी सेहत विभाग की तरक्की पर ग्रहण क्यों लगाया जा रहा है। डाॅ. सुमित सिंह ने कहा कि बीते दिन ही मोहाली में एक गर्भवती डाॅक्टर पर ड्यूटी के दौरान हमला किया गया है। इसलिए मांग है कि सेहत मंत्री केवल दावों के बजाय अस्पतालों में डाॅक्टरों की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर प्रबंध करें।
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