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Farmer Protest: शंभू बॉर्डर पर किसानों व ग्रामीणों में तकरार, चेतावनी दी- रास्ता नहीं दिया तो उखाड़ देंगे टेंट

Sun, 23 Jun 2024 07:37 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 23 Jun 2024 07:37 PM IST
सार

शंभू बॉर्डर पर रविवार को धरना दे रहे किसानों और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हो गया। ग्रामीणों की मांग है कि किसान उन्हें आने-जाने के लिए रास्ता दें।

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Dispute between farmers and locals villagers at Shambhu border
शंभू धरना स्थल पर किसानों और गांववासियों के बीच हुई तकरार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान जत्थेबंदियों के धरने पर रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण बन गया जब स्थानीय लोग और कुछ व्यापारी धरना स्थल पर पहुंच गए। धरना स्थल पर आसपास के गांव से सैकड़ों लोगों के साथ अंबाला के कुछ व्यापारी भी पहुंचे थे। इस दौरान वहां किसानों व स्थानीय लोगों के बीच बहसबाजी हुई और माहौल तनावपूर्ण बन गया।
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व्यापारियों की तरफ से लगभग एक सप्ताह पहले किसान जत्थेबंदियों को दिए मांगपत्र पर जवाब मांगा, लेकिन वहां पर किसान नेता सवरन सिंह पधेंर व अन्य बड़े नेता नहीं थे। ऐसे में स्थानीय लोगों सहित व्यापारियों की धरने पर बैठे किसानों के साथ तकरार बढ़ गई। किसान जत्थेबदियों ने ग्रामीणों व व्यापारियों को भाजपा के एजेंट कहा। ग्रामीणों ने उक्त किसान नेताओं को पंजाब के दुश्मन करार देते हुए स्वार्थी बताया। इस दौरान धरना स्थल पर पुलिस मौजूद नहीं थी।     
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तेपला रोड के गांव निवासी मिंटू गिल, सोनू व अन्य ने बताया कि पिछले चार महीनों से ज्यादा समय से किसान जत्थेबंदियों की ओर शंभू बॉर्डर पर धरना दिया जा रहा है। धरने की वजह से नेशनल हाईवे बंद है। इस वजह से आसपास के तीन चार दर्जन गांवों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। अगर कोई बीमार पड़ हो जाता है तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए अंबाला हमें सबसे नजदीक है, लेकिन धरने की वजह से अंबाला नहीं जा सकते। 
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चार दिन पहले हुई गर्भवती महिला की मौत
ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन पहले एक गर्भवती महिला की मौत हो गई है। लोगों का रोजगार खत्म हो गया है। बच्चे स्कूल नहीं जा सकते। अपनी परेशानियों को लेकर 16 जून को लोगों ने किसान नेता सवरन सिंह पंधेर से मिलकर उन्हे मांगपत्र सौंपा था। पत्र में कम से कम दोपहिया वाहन के लिए रास्ता खोलने में की मांग की थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी रास्ता नहीं दिया गया। 

हजारों की संख्या में इकट्ठा होकर आएंगे
लोगों ने आरोप लगाया कि दो किसान नेताओं ने पूरे पंजाब को सरकार के पास बेच दिया है। अब गांव के लोगों की बात तक नहीं सुनी जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर इस सप्ताह रास्ता नहीं खोला तो वे हजारों की संख्या इकट्ठा होकर तेपला व शंभू रोड को पूरी तरह बंद कर देंगे।


किसानों पर हमला करने की कोशिश
किसान नेता मान सिंह व सुरिंदर सिंह ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर रास्ते केंद्र की भाजपा सरकार ने रोक रखा है, हमने नहीं। हम अपनी मांगों को लेकर सिर्फ दिल्ली जाना चाहते हैं। सरकार हमें जाने नहीं देती। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने सोशल मीडिया पर दिए बयान में कहा कि भाजपा ने कहा था कि चार जून के बाद हम इन्हें देख लेंगे। आज वही हुआ, भाजपा व आम आदमी पार्टी के गुंडों ने धरना दे रहे किसानों पर हमला करने व हमारी स्टेज पर कब्जा करने की कोशिश की। इस घटना के दौरान पुलिस भी नहीं थी। 
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