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पंजाब में घटी बिजली की मांग: पिछले साल के मुकाबले 1926 मेगावाट की कमी, पावरकॉम को मिली राहत
Thu, 11 May 2023 03:03 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 May 2023 03:03 PM IST
सार
पंजाब में घटी बिजली की मांग: पिछले साल के मुकाबले 1926 मेगावाट की कमी, परेशानी से बचा पावरकॉम
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब में पिछले साल के मुकाबले इस बार 10 मई को बिजली की मांग में 1926 मेगावाट की कमी दर्ज की गई है। इससे पावरकॉम ने राहत की सांस ली है। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक मांग में कमी का कारण इस बार मई में खराब रहे मौसम के चलते तापमान में कमी और सरकार की ओर से दफ्तरों के खुलने व बंद होने का समय बदलना है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 10 मई 2022 को बिजली की अधिकतम मांग 10513 मेगावाट रही थी। बुधवार को पीक डिमांड 8587 मेगावाट मांग दर्ज की गई। इस समय पंजाब के सबसे बड़े 1980 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल प्लांट में केवल दो दिनों का कोयला शेष है। इसके चलते इस प्लांट के तीनों यूनिटों को आधी क्षमता पर चलाया जा रहा है। उधर, गोइंदवाल का भी 270 मेगावाट का एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ गया है।
सरकारी क्षेत्र में रोपड़ थर्मल के 210-210 मेगावाट के दो यूनिट और लहरा मुहब्बत थर्मल का भी 210 मेगावाट का एक यूनिट बंद पड़ा है। इनमें से लहरा मुहब्बत का यूनिट मई 2022 से तकनीकी खराबी के चलते बंद है। जो अब तक ठीक नहीं हो सका है और इसके फिलहाल चालू होने की भी कोई उम्मीद नहीं है।
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3.30 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिल रही बिजली
पावरकॉम को सरकारी थर्मलों से बुधवार को 878 मेगावाट, निजी प्लांटों से 2469 मेगावाट समेत सभी स्रोतों से करीब 4000 मेगावाट बिजली ही प्राप्त हो सकी। मांग पूरा करने के लिए पावरकॉम को बाहर से बिजली खरीद करनी पड़ी। हालांकि यहां राहत की बात यह है कि इन दिनों देश भर में बिजली की मांग में कमी के चलते एक्सचेंज से बिजली सस्ती मिल रही है। पावरकॉम को पावर एक्सचेंज से 3.30 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिली।
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प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 10 मई 2022 को बिजली की अधिकतम मांग 10513 मेगावाट रही थी। बुधवार को पीक डिमांड 8587 मेगावाट मांग दर्ज की गई। इस समय पंजाब के सबसे बड़े 1980 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल प्लांट में केवल दो दिनों का कोयला शेष है। इसके चलते इस प्लांट के तीनों यूनिटों को आधी क्षमता पर चलाया जा रहा है। उधर, गोइंदवाल का भी 270 मेगावाट का एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ गया है।
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सरकारी क्षेत्र में रोपड़ थर्मल के 210-210 मेगावाट के दो यूनिट और लहरा मुहब्बत थर्मल का भी 210 मेगावाट का एक यूनिट बंद पड़ा है। इनमें से लहरा मुहब्बत का यूनिट मई 2022 से तकनीकी खराबी के चलते बंद है। जो अब तक ठीक नहीं हो सका है और इसके फिलहाल चालू होने की भी कोई उम्मीद नहीं है।
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3.30 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिल रही बिजली
पावरकॉम को सरकारी थर्मलों से बुधवार को 878 मेगावाट, निजी प्लांटों से 2469 मेगावाट समेत सभी स्रोतों से करीब 4000 मेगावाट बिजली ही प्राप्त हो सकी। मांग पूरा करने के लिए पावरकॉम को बाहर से बिजली खरीद करनी पड़ी। हालांकि यहां राहत की बात यह है कि इन दिनों देश भर में बिजली की मांग में कमी के चलते एक्सचेंज से बिजली सस्ती मिल रही है। पावरकॉम को पावर एक्सचेंज से 3.30 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिली।