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थाने के सामने रोष धरना, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
संगरूर
Updated Tue, 04 Apr 2017 03:21 PM IST
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संगरूर में थाने के सामने नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जलूर कांड में गिरफ्तार किए किसानों की रिहाई की मांग को लेकर सोमवार भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धुपुर की अगुवाई में किसानों ने लहरागागा में थाने के सामने रोष धरना लगाकर नारेबाजी की। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महासचिव बोघ सिंह मानसा ने कहा कि कुछ पंजाब विरोधी जत्थेबंदियां गांवों के किसानों-मजदूरों को आपस में लड़वाने की कोशिश कर रही हैं किंतु ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाकियू सिद्धुपुर गांवों में मजदूरों-किसानों की आपसी भाईचारक सांझ को कायम रखने के लिए हर तरह के संघर्ष को तैयार है। यह संघर्ष गांव जलूर के बेकसूर किसान जो जेल में बंद हैं उनकी रिहाई और झूठे केस रद्द करवाने को किया जा रहा है।
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उन्होंने कथित तौर पर जोगिंदर सिंह उग्राहां पर आरोप लगाए कि उसने झूठे पुलिस पर्चे प्रशासन पर दवाब बनाकर बेकसूर किसानों को जेल में बंद करवाया है।
उन्होंने कहा कि वह जेल में बंद बेकसूर किसानों को रिहा करवाएंगे और झूठे पर्चों को रद्द करवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर यूनियन के जिलाध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह, सुरजीत सिंह भवानीगढ़, कशमीर काकड़ा, रण सिंह चट्ठा, भूरा सिंह, गुरचरण सिंह भीखी आदि मौजूद थे।
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धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महासचिव बोघ सिंह मानसा ने कहा कि कुछ पंजाब विरोधी जत्थेबंदियां गांवों के किसानों-मजदूरों को आपस में लड़वाने की कोशिश कर रही हैं किंतु ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि भाकियू सिद्धुपुर गांवों में मजदूरों-किसानों की आपसी भाईचारक सांझ को कायम रखने के लिए हर तरह के संघर्ष को तैयार है। यह संघर्ष गांव जलूर के बेकसूर किसान जो जेल में बंद हैं उनकी रिहाई और झूठे केस रद्द करवाने को किया जा रहा है।
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उन्होंने कथित तौर पर जोगिंदर सिंह उग्राहां पर आरोप लगाए कि उसने झूठे पुलिस पर्चे प्रशासन पर दवाब बनाकर बेकसूर किसानों को जेल में बंद करवाया है।
उन्होंने कहा कि वह जेल में बंद बेकसूर किसानों को रिहा करवाएंगे और झूठे पर्चों को रद्द करवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर यूनियन के जिलाध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह, सुरजीत सिंह भवानीगढ़, कशमीर काकड़ा, रण सिंह चट्ठा, भूरा सिंह, गुरचरण सिंह भीखी आदि मौजूद थे।