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तीन माह के बच्चे को चार एमएल का इंजेक्शन, मौत

Fri, 08 Apr 2016 10:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/मंडी गोबिंदगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला/मंडी गोबिंदगढ़ Updated Fri, 08 Apr 2016 10:42 PM IST
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rmp doctor Negligency, crime, three month boy died, mandi gobindgarh
पु‌लिस - फोटो : file photo
गुरु की नगरी इलाके स्थित गुरुद्वारा पातशाही छठी की मार्केट में एक आरएमपी डॉक्टर ने तीन महीने के बच्चे को हल्का बुखार खांसी होने के बाद चार एमएल का इंजेक्शन दे दिया।
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इसके तुरंत बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और सिविल अस्पताल ले जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया। घटना शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे की है। मृतक बच्चे की पहचान गांव माजरी मिश्री निवासी प्रीत पुत्र दिनेश राय के तौर पर हुई है। मृतक का परिवार गांव अखिलपुर, पटना, बिहार का रहने वाला है। आरएमपी डॉक्टर की पहचान कुलजीत सिंह निवासी खन्ना के तौर पर हुई है। घटना के बाद से डॉक्टर दुकान को ताला लगाकर फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने डॉक्टर पर इलाज में कोताही बरतने के आरोप में धारा-304ए के तहत मामला दर्ज किया है।
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पुलिस थाना मंडी गोबिंदगढ़ में दिनेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को उसके बेटे प्रीत को हल्का बुखार हुआ था। उसकी पत्नी बबीता देवी बेटे को लेकर वाहेगुरु क्लीनिक के संचालक (आरएमपी) डॉ. कुलजीत सिंह के पास ले गई। वहां पर इंजेक्शन देने के बाद उसके बेटे के मुंह से झाग निकलने लगा। इंजेक्शन वाली जगह से काफी खून भी निकला और उसकी हालत बिगड़ गई। वह उसे सिविल अस्पताल ले आए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया। दिनेश ने सारी घटना अपने मालिक रोहित कौशल को बताई और शुक्रवार सुबह उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। 
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रोहित कौशल ने बताया कि इससे पहले जैसे ही वह डॉक्टर के क्लीनिक पर गए तो डॉक्टर ने उन्हें बताया कि बच्चे को हल्की खांसी और बुखार था। उसने बच्चे को कोनीन और डैक्सा का चार एमएल का इंजेक्शन दिया था। उसके बाद बच्चे को क्या हुआ, उसे कुछ नहीं मालूम। पूछताछ के दौरान डॉक्टर के पास बिहार से प्रमाणित आरएमपी की डिग्री पाई गई। आरोपी डॉक्टर ने दावा किया कि वह 30 साल से लगातार प्रैक्टिस कर रहा है। 

मामले की जांच कर रहे एएसआई स्वर्ण सिंह ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि डॉक्टर की डिग्री असली है या नहीं। अगर डिग्री नकली पाई गई तो डॉक्टर पर और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। 


स्वास्थ्य विभाग ने दिया कार्रवाई का भरोसा
फतेहगढ़ साहिब की नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. हरिंदर कौर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जानकारी इकट्ठी कर आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर डॉक्टर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने तुरंत विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए। 
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