Nabha Jail Break: हांगकांग से रची गई थी जेल ब्रेक की साजिश, मुख्य साजिशकर्त्ता रोमी के प्रत्यर्पण का इंतजार
रमनजीत सिंह रोमी को जून 2016 में गिरफ्तार कर नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल भेजा गया था। जहां रोमी के गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों के जरिये खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के प्रमुख आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू के साथ नजदीकी संबंध बन गए थे। अगस्त 2016 में रोमी ने बेल जंप कर दी और हांगकांग भाग गया था।
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पंजाब की अति सुरक्षित माने जाने वाली नाभा जेल ब्रेक मामले की साजिश हांगकांग में बैठे रमनजीत सिंह उर्फ रोमी ने रची थी, जिसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध थे। इसका खुलासा जेल से भागे गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों ने पकड़े जाने पर पुलिस पूछताछ में किया था। सेखों ने माना था कि रोमी ने ही जेल ब्रेक के लिए उन्हें फंड मुहैया कराया था। यही नहीं हांगकांग में एक कंट्रोल रूम तक बनाया गया था, जिसके जरिये रोमी ने जेल से भागने वाले आतंकियों व गैंगस्टरों के साथ इंटरनेट व व्हाट्सएप की मदद से तालमेल रखता था।
दरअसल रोमी को जून 2016 में गिरफ्तार कर नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल भेजा गया था। जहां रोमी के गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों के जरिये खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के प्रमुख आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू के साथ नजदीकी संबंध बन गए थे। अगस्त 2016 में रोमी ने बेल जंप कर दी और हांगकांग भाग गया था। जहां जाकर उसने नाभा जेल ब्रेक की साजिश रची। इस मामले में वरिष्ठ वकील सुमेश जैन ने बताया कि जेल ब्रेक मामले में रोमी भी नामजद है। हांगकांग से उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अभी चल रही है।
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करीब 20 मिनट में दिया था पूरी वारदात को अंजाम
27 नवंबर 2016 को सुबह 8.30 बजे पुलिस की वर्दियों में तीन गाड़ियों फॉच्युनर, स्विफ्ट डिजायर व वरना में सवार होकर हथियारों से लैस करीब 15 अपराधी नाभा जेल के बाहर पहुंचे। इन्होंने जेल में एक कैदी को लाने का दिखावा किया, जिस पर मेन गेट पर तैनात गार्ड ने इन्हें अंदर जाने दिया।
8.35 से 8.40 बजे तक यह सभी जेल के मेन गेट से अंदर वाले गेट तक पहुंच गए। वहां भी इन्होंने एक कैदी को लाने की बात कही और जैसे ही वह अंदर वाले गेट से अंदर घुसे, उसी पल अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। 8.45 बजे हमलावर अंदर वाले गेट व आगे बैरकों को जोड़ने वाले रास्ते पर पहुंचे, जहां इनका आतंकी मिंटू व आतंकी कश्मीर सिंह और चार अन्य गैंगस्टर इंतजार कर रहे थे। 8.50 बजे फायरिंग जारी रखते हुए आरोपियों ने एक जेल गार्ड से उसकी एसएलआर गन भी छीनी और फिर छह कैदियों को लेकर गोलियां चलाते हुए जेल से अपने वाहनों में फरार हो गए।
रेलवे क्रॉसिंग बंद होने कारण दोबारा जेल के सामने से होते हुए भागे थे
सुबह 8.55 बजे यह लोग रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे, जो उस समय बंद था। इसके चलते इन्होंने अपने वाहनों को घुमाया और फिर से जेल के बाहर से होते हुए वाया समाना हरियाणा की तरफ फरार हो गए थे।