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पटियाला में मेयर को लेकर असमंजस बरकरार-- सस्पेंशन बाद भी बिट्टू पहुंचे मेयर दफ्तर
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पटियाला। कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ में मेयर को लेकर असमंजस बरकरार है। मंगलवार को कैप्टन के नजदीकी संजीव शर्मा बिट्टू सस्पेंशन के बाद भी मेयर दफ्तर पहुंचे और कुर्सी पर बैठकर एक बार दोबारा से स्टाफ के साथ बैठकों का दौर शुरू किया। उधर, सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी 25 नवंबर को सारे हंगामे के बीच कार्यकारी मेयर घोषित किए जाने के बावजूद अभी तक मेयर की कुर्सी पर आसीन नहीं हो सके हैं और अपने ही दफ्तर से कामकाज कर रहे हैं।
संजीव शर्मा बिट्टू ने मीडिया से बात करते कहा कि 25 नवंबर को जनरल हाउस की मीटिंग में जो हुआ, वह गलत था। पंजाब सरकार की शह पर पुलिस प्रशासन ने उनके समर्थक पार्षदों यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह साथ बेहद गलत व्यवहार किया, जो लोकतंत्र का हनन है। लोगों की ओर से चुने गए नुमाइंदों को सरकार की ओर से धक्के के साथ किसी भी ओहदे से हटाया नहीं जा सकता है। इसकी एक सांविधानिक प्रक्रिया होती है, लेकिन जनरल हाउस की बैठक में इसकी पूरी तरह से उल्लंघना की गई। इस मौके बिट्टू ने स्वच्छता रैंकिंग में पटियाला के पहले नंबर पर आने पर सफाई सेवकों का धन्यवाद किया। साथ ही डेयरी शिफ्टिंग के प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए अधिकारियों साथ बैठक करके जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
नगर निगम के कमिश्नर विनीत कुमार ने कहा कि अभी तक पंजाब सरकार से मेयर बिट्टू की सस्पेंशन और योगी के कार्यकारी मेयर चुने जाने संबंधी लिखित में कोई आदेश नहीं मिला है। जिस कारण बिट्टू से मेयर की सरकारी गाड़ी व स्टाफ वापस लेने के आदेश फिलहाल रद्द कर दिए गए हैं।
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मेयर सस्पेंशन के मामले में आज होगी हाईकोर्ट में सुनवाई
संजीव शर्मा बिट्टू को मेयर से सस्पेंड करने का मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी। बिट्टू ने 25 नवंबर को हुई जनरल हाउस की बैठक में हुई कार्रवाई को अदालत में चुनौती देते हुए इसे जालसाजी करार दिया है। गौरतलब है कि मेयर बिट्टू के खिलाफ बड़ी गिनती पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए जनरल हाउस की बैठक बुलाकर बहुमत साबित करने की मांग की थी। इसके बाद बिट्टू ने 25 नवंबर को जनरल हाउस की बैठक रखी थी। इस बैठक में उनके हक में 25 वोटें, जबकि विरोध में 36 वोटें पड़ी थीं। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने उन्हें सस्पेंड करते हुए सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी को कार्यकारी मेयर घोषित कर दिया था।
बिट्टू का मेयर कुर्सी पर बैठना लोकतंत्र का हनन : योगी
सीनियर डिप्टी मेयर योगी ने कहा कि सस्पेंशन के बावजूद बिट्टू का मेयर दफ्तर में आकर कुर्सी पर बैठना और बैठकें करना लोकतंत्र का हनन है। उन्होंने कहा कि न तो उनको मेयर की गाड़ी की जरूरत है और न ही दफ्तर की जरूरत है। वह तो केवल लोगों की सेवा में विश्वास रखते हैं और पूरी लगन से अपना काम करते रहेंगे।
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संजीव शर्मा बिट्टू ने मीडिया से बात करते कहा कि 25 नवंबर को जनरल हाउस की मीटिंग में जो हुआ, वह गलत था। पंजाब सरकार की शह पर पुलिस प्रशासन ने उनके समर्थक पार्षदों यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह साथ बेहद गलत व्यवहार किया, जो लोकतंत्र का हनन है। लोगों की ओर से चुने गए नुमाइंदों को सरकार की ओर से धक्के के साथ किसी भी ओहदे से हटाया नहीं जा सकता है। इसकी एक सांविधानिक प्रक्रिया होती है, लेकिन जनरल हाउस की बैठक में इसकी पूरी तरह से उल्लंघना की गई। इस मौके बिट्टू ने स्वच्छता रैंकिंग में पटियाला के पहले नंबर पर आने पर सफाई सेवकों का धन्यवाद किया। साथ ही डेयरी शिफ्टिंग के प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए अधिकारियों साथ बैठक करके जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
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नगर निगम के कमिश्नर विनीत कुमार ने कहा कि अभी तक पंजाब सरकार से मेयर बिट्टू की सस्पेंशन और योगी के कार्यकारी मेयर चुने जाने संबंधी लिखित में कोई आदेश नहीं मिला है। जिस कारण बिट्टू से मेयर की सरकारी गाड़ी व स्टाफ वापस लेने के आदेश फिलहाल रद्द कर दिए गए हैं।
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मेयर सस्पेंशन के मामले में आज होगी हाईकोर्ट में सुनवाई
संजीव शर्मा बिट्टू को मेयर से सस्पेंड करने का मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी। बिट्टू ने 25 नवंबर को हुई जनरल हाउस की बैठक में हुई कार्रवाई को अदालत में चुनौती देते हुए इसे जालसाजी करार दिया है। गौरतलब है कि मेयर बिट्टू के खिलाफ बड़ी गिनती पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए जनरल हाउस की बैठक बुलाकर बहुमत साबित करने की मांग की थी। इसके बाद बिट्टू ने 25 नवंबर को जनरल हाउस की बैठक रखी थी। इस बैठक में उनके हक में 25 वोटें, जबकि विरोध में 36 वोटें पड़ी थीं। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने उन्हें सस्पेंड करते हुए सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी को कार्यकारी मेयर घोषित कर दिया था।
बिट्टू का मेयर कुर्सी पर बैठना लोकतंत्र का हनन : योगी
सीनियर डिप्टी मेयर योगी ने कहा कि सस्पेंशन के बावजूद बिट्टू का मेयर दफ्तर में आकर कुर्सी पर बैठना और बैठकें करना लोकतंत्र का हनन है। उन्होंने कहा कि न तो उनको मेयर की गाड़ी की जरूरत है और न ही दफ्तर की जरूरत है। वह तो केवल लोगों की सेवा में विश्वास रखते हैं और पूरी लगन से अपना काम करते रहेंगे।