{"_id":"627bf9314953344b631f7c18","slug":"coal-crisis-continues-in-punjab-four-units-closed-patiala-news-pkl450329427","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में कोयले का संकट बरकरार : चार यूनिट बंद, राजपुरा को छोड़कर बाकी थर्मलों में दो से छह दिन का कोयला बचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में कोयले का संकट बरकरार : चार यूनिट बंद, राजपुरा को छोड़कर बाकी थर्मलों में दो से छह दिन का कोयला बचा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला। सरकार के दावों के बीच पंजाब के थर्मलों में कोयला संकट बरकरार है। विभिन्न थर्मलों की चार यूनिट बंद पड़ी हैं। इससे 1350 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप होने से बिजली की मांग पूरा करने में परेशानी हो रही है। बुधवार को भी पावरकॉम को बाहर से बिजली लेनी पड़ी।
पंजाब के रोपड़ थर्मल प्लांट में इस समय तीन, लहरा मुहब्बत में दो, राजपुरा में 21, तलवंडी साबो में छह और गोइंदवाल में मात्र दो दिन का कोयला शेष है। ऐसे में रोपड़ और लहरा मुहब्बत की 210-210 मेगावाट की दो यूनिट, तलवंडी साबो की 660 मेगावाट और गोइंदवाल की 270 मेगावाट की एक यूनिट बंद होने से 1350 मेगावाट का बिजली उत्पादन बंद पड़ा है।
बुधवार को पंजाब में दोपहर के समय बिजली की अधिकतम मांग करीब 9800 मेगावाट दर्ज की गई। इसके विपरीत पावरकॉम के पास बिजली की आपूर्ति केवल 4160 मेगावाट की रही। इसमें खास तौर से पावरकॉम को रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मलों से 976 मेगावाट, तलवंडी साबो, गोइंदवाल व राजपुरा प्लांटों से 2635 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 334 मेगावाट, सोलर प्रोजेक्टों से 137 मेगावाट, नॉन सोलर प्रोजेक्टों से 75 मेगावाट बिजली मिली। कुल 5640 मेगावाट के इस बड़े अंतर को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से करीब 5260 मेगावाट बिजली ली।
विज्ञापन
पंजाब भर से मिलीं 28216 शिकायतें
बुधवार को शाम साढ़े पांच बजे तक पावरकॉम को पंजाब भर से 28216 बिजली सप्लाई संबंधी शिकायतें मिलीं। इस दौरान प्रदेश के 26 फीडर दो घंटे, 19 फीडर दो से चार घंटे, चार फीडर चार से छह घंटे और तीन फीडर छह घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद रहे। हालांकि पावरकॉम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि आने वाले धान के सीजन के लिए तैयारी कर ली गई है। शॉर्ट टर्म खरीद समझौतों के अलावा बैंकिंग सिस्टम के जरिये भी काफी मात्रा में बिजली हासिल हो सकेगी।
विज्ञापन
पंजाब के रोपड़ थर्मल प्लांट में इस समय तीन, लहरा मुहब्बत में दो, राजपुरा में 21, तलवंडी साबो में छह और गोइंदवाल में मात्र दो दिन का कोयला शेष है। ऐसे में रोपड़ और लहरा मुहब्बत की 210-210 मेगावाट की दो यूनिट, तलवंडी साबो की 660 मेगावाट और गोइंदवाल की 270 मेगावाट की एक यूनिट बंद होने से 1350 मेगावाट का बिजली उत्पादन बंद पड़ा है।
विज्ञापन
बुधवार को पंजाब में दोपहर के समय बिजली की अधिकतम मांग करीब 9800 मेगावाट दर्ज की गई। इसके विपरीत पावरकॉम के पास बिजली की आपूर्ति केवल 4160 मेगावाट की रही। इसमें खास तौर से पावरकॉम को रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मलों से 976 मेगावाट, तलवंडी साबो, गोइंदवाल व राजपुरा प्लांटों से 2635 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 334 मेगावाट, सोलर प्रोजेक्टों से 137 मेगावाट, नॉन सोलर प्रोजेक्टों से 75 मेगावाट बिजली मिली। कुल 5640 मेगावाट के इस बड़े अंतर को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से करीब 5260 मेगावाट बिजली ली।
विज्ञापन
पंजाब भर से मिलीं 28216 शिकायतें
बुधवार को शाम साढ़े पांच बजे तक पावरकॉम को पंजाब भर से 28216 बिजली सप्लाई संबंधी शिकायतें मिलीं। इस दौरान प्रदेश के 26 फीडर दो घंटे, 19 फीडर दो से चार घंटे, चार फीडर चार से छह घंटे और तीन फीडर छह घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद रहे। हालांकि पावरकॉम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि आने वाले धान के सीजन के लिए तैयारी कर ली गई है। शॉर्ट टर्म खरीद समझौतों के अलावा बैंकिंग सिस्टम के जरिये भी काफी मात्रा में बिजली हासिल हो सकेगी।