{"_id":"5757ed664f1c1b7d149c5286","slug":"central-government-state-government-bsp-picketing-patiala","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र और राज्य सरकारों खिलाफ बसपा का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र और राज्य सरकारों खिलाफ बसपा का धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 08 Jun 2016 03:33 PM IST
विज्ञापन
पटियाला में धरना-प्रदर्शन करते बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुजन समाज पार्टी की ओर से केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जिला प्रधान राम सिंह धीमान की अगुवाई में धरना दिया गया। इस मौके पर मुख्य मेहमान बसपा के प्रदेश कोआर्डिनेटर जोगा सिंह पनौदियां ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम लोगों के लिए दो वक्त की रोटी खाना भी मुश्किल हो रहा है।
शिक्षा व सेहत क्षेत्र का निजीकरण करके इसे भी लोगों की पहुंच से दूर कर दिया गया है। सरकारी अस्पतालों की हालत में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। इस कारण लोग मजबूरन इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं। जहां उनकी लूट-खसोट हो रही है। पंजाब में नशों का जाल फैला है, जिसका शिकार नौजवान वर्ग हो रहा है। जल्द ही इस पर रोक न लगाई, तो नौजवानी तबाह हो जाएगी। पंजाब में कानून व्यवस्था चरमराई है, जिसमें भी सुधार लाया जाए। धार्मिक शख्सियतों पर हमले हो रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। आरोप लगाया कि यह सरकारें पूरी तरह से दलित-पिछड़े वर्गों के विरोधी हैं। इस करके ही इन सरकारों की ओर से दलित पिछड़े वर्गों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम को भी राज्य में लागू नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
शिक्षा व सेहत क्षेत्र का निजीकरण करके इसे भी लोगों की पहुंच से दूर कर दिया गया है। सरकारी अस्पतालों की हालत में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। इस कारण लोग मजबूरन इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं। जहां उनकी लूट-खसोट हो रही है। पंजाब में नशों का जाल फैला है, जिसका शिकार नौजवान वर्ग हो रहा है। जल्द ही इस पर रोक न लगाई, तो नौजवानी तबाह हो जाएगी। पंजाब में कानून व्यवस्था चरमराई है, जिसमें भी सुधार लाया जाए। धार्मिक शख्सियतों पर हमले हो रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। आरोप लगाया कि यह सरकारें पूरी तरह से दलित-पिछड़े वर्गों के विरोधी हैं। इस करके ही इन सरकारों की ओर से दलित पिछड़े वर्गों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम को भी राज्य में लागू नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन