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कट के लिए तैयार रहें लोग, रोज ८०० मेगावाट कम रहेगी बिजली
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पटियाला। पंजाब के लोग आने वाले दिनों में बिजली कट के लिए तैयार रहें। 10 जून से धान का सीजन शुरू होने के साथ ही पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड बना रही है। अब रोज 800 मेगावाट बिजली की कमी रहेगी। शनिवार को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 11,170 मेगावाट दर्ज की गई। शुक्रवार को यह 10,729 मेगावाट थी।
पंजाब में 17 जून के बाद बिजली की मांग 15,900 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि धान सीजन के लिए पावरकॉम शार्ट टर्म खरीद समझौतों के अलावा बैंकिंग सिस्टम के तहत देश के अन्य राज्यों से पर्याप्त बिजली मिलने के दावे कर रहा है। बावजूद इसके 800 मेगावाट की कमी रहेगी। इसके चलते गांवों व शहरों के लोगों को बिजली कटों से परेशान होना पड़ सकता है।
पंजाब के कुछ क्षेत्रों में शुरू हुआ धान का सीजन
पंजाब के सरहद के पास वाले इलाकों में शुक्रवार से धान की बिजाई शुरू हो गई है। बाकी जिलों में 17 जून से शुरू होगी। अभी पंजाब के कुछ क्षेत्रों में धान सीजन शुरू हुआ है। बावजूद इसके बिजली की मांग में अचानक से बड़ा उछाल आया है। वीरवार को जहां बिजली की अधिकतम मांग 10,500 मेगावाट रही थी। वहीं शुक्रवार को 10,729 मेगावाट और शनिवार को तो बड़ी वृद्धि दर्ज हुई। अनुमान है कि धान की बिजाई पूरी तरह से शुरू होने के बाद बिजली की मांग 15,900 मेगावाट का आंकड़ा छू लेगी। इसके मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 15,100 मेगावाट तक रहने की संभावना है।
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शॉर्ट टर्म समझौतों के तहत मिलेगी 500 मेगावाट बिजली
पावरकॉम को 4100 मेगावाट बिजली सेंटर पूल से मिलेगी। वहीं 3000 मेगावाट बिजली बैंकिंग सिस्टम के तहत हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, तामिलनाडू, तेलंगाना और मेघालय जैसे राज्यों से होगी। धान सीजन के लिए किए शार्ट टर्म खरीद समझौतों के तहत 500 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। पावर एक्सचेंज से भी 1000 मेगावाट बिजली हासिल की जाएगी। पंजाब में 6500 मेगावाट बिजली उत्पादन होने के दावे पावरकॉम अधिकारी कर रहे हैं।
कोट्....
धान के सीजन में पावरकॉम के पास बिजली की मांग 15,100 मेगावाट को पूरा करने के पर्याप्त प्रबंध हैं। मानसून सीजन पर भी काफी कुछ निर्भर रहेगा। उम्मीद है कि मांग 15,100 मेगावाट से ज्यादा नहीं बढ़ेगी। जल्द तलवंडी साबो का यूनिट चलने से भी पंजाब की बिजली संबंधी समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। - बलदेव सिंह सरां, सीएमडी इंजीनियर, पावरकॉम।
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पंजाब में 17 जून के बाद बिजली की मांग 15,900 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि धान सीजन के लिए पावरकॉम शार्ट टर्म खरीद समझौतों के अलावा बैंकिंग सिस्टम के तहत देश के अन्य राज्यों से पर्याप्त बिजली मिलने के दावे कर रहा है। बावजूद इसके 800 मेगावाट की कमी रहेगी। इसके चलते गांवों व शहरों के लोगों को बिजली कटों से परेशान होना पड़ सकता है।
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पंजाब के कुछ क्षेत्रों में शुरू हुआ धान का सीजन
पंजाब के सरहद के पास वाले इलाकों में शुक्रवार से धान की बिजाई शुरू हो गई है। बाकी जिलों में 17 जून से शुरू होगी। अभी पंजाब के कुछ क्षेत्रों में धान सीजन शुरू हुआ है। बावजूद इसके बिजली की मांग में अचानक से बड़ा उछाल आया है। वीरवार को जहां बिजली की अधिकतम मांग 10,500 मेगावाट रही थी। वहीं शुक्रवार को 10,729 मेगावाट और शनिवार को तो बड़ी वृद्धि दर्ज हुई। अनुमान है कि धान की बिजाई पूरी तरह से शुरू होने के बाद बिजली की मांग 15,900 मेगावाट का आंकड़ा छू लेगी। इसके मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 15,100 मेगावाट तक रहने की संभावना है।
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शॉर्ट टर्म समझौतों के तहत मिलेगी 500 मेगावाट बिजली
पावरकॉम को 4100 मेगावाट बिजली सेंटर पूल से मिलेगी। वहीं 3000 मेगावाट बिजली बैंकिंग सिस्टम के तहत हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, तामिलनाडू, तेलंगाना और मेघालय जैसे राज्यों से होगी। धान सीजन के लिए किए शार्ट टर्म खरीद समझौतों के तहत 500 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। पावर एक्सचेंज से भी 1000 मेगावाट बिजली हासिल की जाएगी। पंजाब में 6500 मेगावाट बिजली उत्पादन होने के दावे पावरकॉम अधिकारी कर रहे हैं।
कोट्....
धान के सीजन में पावरकॉम के पास बिजली की मांग 15,100 मेगावाट को पूरा करने के पर्याप्त प्रबंध हैं। मानसून सीजन पर भी काफी कुछ निर्भर रहेगा। उम्मीद है कि मांग 15,100 मेगावाट से ज्यादा नहीं बढ़ेगी। जल्द तलवंडी साबो का यूनिट चलने से भी पंजाब की बिजली संबंधी समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। - बलदेव सिंह सरां, सीएमडी इंजीनियर, पावरकॉम।