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बैंक कर्मचारियों ने दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 06 Jan 2016 03:02 PM IST
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मांगों को लेकर देश भर के बैंक मुलाजिम आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले 8 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। इसी संबंध में मंगलवार को स्टेट बैंक आफ पटियाला के शेरां वाला गेट स्थित हेडआफिस के सामने 1500 से अधिक बैंक कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर पूरा दिन धरना दिया।
पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन और हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले दिए इस धरने में मुलाजिमों ने भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों की ओर से सेवा शर्तों में एकतरफा परिवर्तन, अनुकंपा नियुक्ति के लिए मनाही, कर्मचारियों को आवास ऋण में बढ़ोतरी के लिए मनाही का विरोध किया।
धरने को संबोधित करते हुए बैंक मुलाजिमों के लीडरों ने बताया कि मुख्य श्रम आयुक्त श्रम मंत्रालय भारत सरकार ने आज दिल्ली में अपने कार्यालय में एक समझौता बैठक बुलाई थी।
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सीएलसी अनिल कुमार नायक ने बैठक आयोजित की थी। जिसमें वित्त मंत्रालय और आईबीए के प्रतिनिधियों के अलावा एसोसिएशन बैंकों की मैनेजमेंट्स ने हिस्सा लिया।
आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने सीएलसी को बताया कि समझौता बैठक में उप श्रमायुक्त की 23 नवंबर 2015 को अपील के संदर्भ में वह हड़ताल स्थगित करने को राजी हो गए थे।
साथ ही मैनेजमेंट भी सीपीएस के कार्यान्वयन को स्थगित करने को राजी हो गई थी और एसएसबीईए के साथ बातचीत को राजी हो गई थी।
दुर्भाग्यवश तीन दिसंबर 2015 की विचार चर्चाओं में प्रबंधन ने समझौता करने से इनकार कर दिया और सीपीएस लागू करने पर जोर दिया, इसलिए बातचीत असफल हो गई और आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन को हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ा।
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पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन और हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले दिए इस धरने में मुलाजिमों ने भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों की ओर से सेवा शर्तों में एकतरफा परिवर्तन, अनुकंपा नियुक्ति के लिए मनाही, कर्मचारियों को आवास ऋण में बढ़ोतरी के लिए मनाही का विरोध किया।
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धरने को संबोधित करते हुए बैंक मुलाजिमों के लीडरों ने बताया कि मुख्य श्रम आयुक्त श्रम मंत्रालय भारत सरकार ने आज दिल्ली में अपने कार्यालय में एक समझौता बैठक बुलाई थी।
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सीएलसी अनिल कुमार नायक ने बैठक आयोजित की थी। जिसमें वित्त मंत्रालय और आईबीए के प्रतिनिधियों के अलावा एसोसिएशन बैंकों की मैनेजमेंट्स ने हिस्सा लिया।
आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने सीएलसी को बताया कि समझौता बैठक में उप श्रमायुक्त की 23 नवंबर 2015 को अपील के संदर्भ में वह हड़ताल स्थगित करने को राजी हो गए थे।
साथ ही मैनेजमेंट भी सीपीएस के कार्यान्वयन को स्थगित करने को राजी हो गई थी और एसएसबीईए के साथ बातचीत को राजी हो गई थी।
दुर्भाग्यवश तीन दिसंबर 2015 की विचार चर्चाओं में प्रबंधन ने समझौता करने से इनकार कर दिया और सीपीएस लागू करने पर जोर दिया, इसलिए बातचीत असफल हो गई और आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन को हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ा।