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पंजाब: पीआरटीसी के बेड़े में इस साल शामिल होनी थी 255 नई बसें, लोन तक पास नहीं करवा पाया कॉरपोरेशन
Wed, 10 Nov 2021 03:04 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 10 Nov 2021 03:04 PM IST
सार
52 करोड़ के प्रोजेक्ट में पीआरटीसी ने खुद चेसिस खरीद कर बसों की बॉडी फैब्रिकेशन को बाहर से करवाने का एलान किया था। चालू वित्त वर्ष के आठ माह बीतने के बावजूद यात्री कंडम बसों में ही सफर करने को मजबूर हैं।
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पीआरटीसी।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब में पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के बेड़े में चालू वित्तीय वर्ष में 255 नई बसें चलाने का एलान मात्र औपचारिकता साबित हुआ है। हालात यह हैं कि इस वित्तीय वर्ष के करीब आठ महीने गुजरने को हैं पर बैंकों से बसें चलाने के लिए कॉरपोरेशन लोन तक मंजूर नहीं करा सकी है। इसी कारण आगे की प्रक्रिया रुकी हुई है। ऐसे में सरकार के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती पीआरटीसी की खस्ताहाल बसों में ही सवारियों की जान से खिलवाड़ करते सफर कराया जा रहा है।
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पीआरटीसी के बेड़े में इस समय करीब 1100 बसें हैं। इनमें 300 बसें तय नियमों के मुताबिक आठ लाख किलोमीटर चल चुकी हैं और आठ साल से अधिक पुरानी हैं। लेकिन नई बसों की कमी के चलते फिलहाल इन खस्ताहाल बसों को ही पीआरटीसी द्वारा रूटों पर भेजा जा रहा है। इस साल की शुरुआत में पीआरटीसी की ओर से एलान किया गया था कि इस वित्तीय वर्ष में कॉरपोरेशन के बेड़े में 255 नई बसें आएंगी।
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52 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए लोन बैंकों से लिया जाएगा। चेसिस कॉरपोरेशन खुद खरीदेगा और बसों की बॉडी फैब्रिकेशन बाहर से कराई जाएगी। इसके लिए बाकायदा टेंडर निकाल कर फर्मों को आमंत्रित किया जाएगा। लेकिन चालू वित्तीय वर्ष के आठ महीने गुजरने को आए, पीआरटीसी नई बसें डालने के लिए बैंकों से लोन मंजूर नहीं करा सकी है।
पीआरटीसी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लोन अप्लाई किया हुआ है, लेकिन अभी तक मंजूर न होने के कारण न चेसिस की खरीद हो सकी और न ही कोई अन्य काम हो सका। माना जा रहा है कि पहले कैप्टन सरकार के गिरने और अब कांग्रेस पार्टी में चल रहे अंदरूनी घमासान से भी विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं। पिछले कई दिनों से पीआरटीसी के चेयरमैन केके शर्मा, जो कैप्टन के बेहद करीबी हैं, को भी बदलने की चर्चाएं तेज हैं।
पीआरटीसी अपने स्तर पर पैसा जुटाकर नई बसें चलाएगा
पीआरटीसी के जनरल मैनेजर (आपरेशन) सुरिंदर सिंह ने माना कि बैंकों से लोन फिलहाल मंजूर नहीं हुआ है। ऐसे में पीआरटीसी अपने स्तर पर पैसा जुटाकर नई बसें चलाएगा। उन्होंने कहा कि बॉडी फैब्रिकेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सवारियों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।