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अमलोह में कांग्रेसी उम्मीदवार को दिखाई काली झंडियां
ब्यूरो, अमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़
Updated Tue, 20 Dec 2016 02:49 PM IST
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काका रणदीप सिंह के काफिले का काली झंडियों से विरोध करते हुए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा हलका अमलोह से कांग्रेसी उम्मीदवार काका रणदीप सिंह गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होने काफिले समेत निकले। गुरुद्वारा साहिब से माथा टेक जैसे ही काका रणदीप सिंह मंडी गोबिंदगढ़ पहुंचे तो काका की उम्मीदवारी से नाराज जगमीत सिंह सहोता समर्थकों ने मुख्य चौक पर उनका काली झंडियों से स्वागत किया।
इस दौरान वर्करों ने साड्डा हलका, साड्डा उम्मीदवार की मांग करते हुए काका रणदीप सिंह वापस जाओ के नारे लगाए। समर्थकों की मांग थी कि कांग्रेस हाईकमान अपना फैसला बदलकर स्थानीय उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारे।
जगमीत सिंह सहोता ने कहा कि पूरे शहर में काका रणदीप सिंह की टिकट को लेकर विरोध है। पार्टी हाई कमान को लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर विचार करना चाहिए।
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वहीं उम्मीदवार विधायक काका रणदीप सिंह का कहना था कि विरोध करना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्हें लगता है सहोता को पार्टी संविधान की जानकारी नहीं है।
उन्होंने सहोता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो इंसान पार्टी में अनुशासन में नहीं रह सकता वह लोगों को कैसे साथ जोड़ सकता है, जहां तक चुनाव लड़ने की बात है तो वह पहले भी मेरे खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।
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इस दौरान वर्करों ने साड्डा हलका, साड्डा उम्मीदवार की मांग करते हुए काका रणदीप सिंह वापस जाओ के नारे लगाए। समर्थकों की मांग थी कि कांग्रेस हाईकमान अपना फैसला बदलकर स्थानीय उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारे।
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जगमीत सिंह सहोता ने कहा कि पूरे शहर में काका रणदीप सिंह की टिकट को लेकर विरोध है। पार्टी हाई कमान को लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर विचार करना चाहिए।
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वहीं उम्मीदवार विधायक काका रणदीप सिंह का कहना था कि विरोध करना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्हें लगता है सहोता को पार्टी संविधान की जानकारी नहीं है।
उन्होंने सहोता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो इंसान पार्टी में अनुशासन में नहीं रह सकता वह लोगों को कैसे साथ जोड़ सकता है, जहां तक चुनाव लड़ने की बात है तो वह पहले भी मेरे खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।