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बैंक प्रदर्शन
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:09 PM IST
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बैंक मुलाजिमों ने किया रोष प्रदर्शन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले की जमकर नारेबाजी
बैंकों के विलय का विरोध किया, फैसला वापस लेने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर भारतीय स्टेट बैंक पटियाला के सामने 3 बैंकों के विलय का विरोध करने के लिए प्रदर्शन किया गया। बैंक मुलाजिमों ने नारेबाजी करते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की अगुवाई यादवेंद्र गुप्ता सचिव पीबीईएफ पटियाला यूनिट ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार अपने सिद्धांत की वकालत कर रही है कि भारत को बड़े आकार के बैंकों की जरूरत है और इसलिए यह प्रस्तावित विलय है। उन्होंने कहा हमें मजबूत बैंकों की जरूरत है, बड़े बैंकों की नहीं। हम सभी समझते हैं कि सरकार के बैंकिंग सुधारों के एजेंडे के तहत विलय केवल बैंकों के निजीकरण के लिए एक प्रस्ताव है। इसलिए सरकार के कदम का विरोध करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा सरकार ने तीन बैंकों को विलय करने के अपने फैसले की घोषणा की। बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक एकीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा यह आश्चर्यजनक नहीं है ,क्योंकि यह बैंकों को मजबूत करने के लिए इस सरकार के एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने कहा भारत में बैंकों के विस्तार और बैंकों के विलय की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर बलबीर शर्मा, राजेश खन्ना, होशियार चंद, वरिंदर शर्मा, दिव्यपाल सिंह मौजूद थे।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले की जमकर नारेबाजी
बैंकों के विलय का विरोध किया, फैसला वापस लेने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर भारतीय स्टेट बैंक पटियाला के सामने 3 बैंकों के विलय का विरोध करने के लिए प्रदर्शन किया गया। बैंक मुलाजिमों ने नारेबाजी करते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की अगुवाई यादवेंद्र गुप्ता सचिव पीबीईएफ पटियाला यूनिट ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार अपने सिद्धांत की वकालत कर रही है कि भारत को बड़े आकार के बैंकों की जरूरत है और इसलिए यह प्रस्तावित विलय है। उन्होंने कहा हमें मजबूत बैंकों की जरूरत है, बड़े बैंकों की नहीं। हम सभी समझते हैं कि सरकार के बैंकिंग सुधारों के एजेंडे के तहत विलय केवल बैंकों के निजीकरण के लिए एक प्रस्ताव है। इसलिए सरकार के कदम का विरोध करने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा सरकार ने तीन बैंकों को विलय करने के अपने फैसले की घोषणा की। बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक एकीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा यह आश्चर्यजनक नहीं है ,क्योंकि यह बैंकों को मजबूत करने के लिए इस सरकार के एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने कहा भारत में बैंकों के विस्तार और बैंकों के विलय की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर बलबीर शर्मा, राजेश खन्ना, होशियार चंद, वरिंदर शर्मा, दिव्यपाल सिंह मौजूद थे।
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