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Stubble Burning: पंजाब में टूटा रिकार्ड, इस सीजन में पराली जलाने के सबसे अधिक 3916 मामले आए सामने

Sat, 12 Nov 2022 01:35 PM IST
निवेदिता वर्मा रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 12 Nov 2022 01:35 PM IST
सार

पंजाब का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पिछले दो दिन से बेहद खराब श्रेणी में है। लुधियाना, खन्ना और मंडी गोबिंगढ़ का एक्यूआई तो गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था, जिससे यहां की हवा जहरीली हो गई थी और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।

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3916 cases of stubble burning reported in Punjab, broke record of 2020
पराली

विस्तार

दिल्ली के मुकाबले पंजाब में बढ़ते प्रदूषण के बावजूद दावों के विपरीत पराली जलाने के मामलों में कमी लाने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। शुक्रवार को पंजाब में इस सीजन में अब तक की सबसे अधिक पराली जलाई गई। प्रदेश भर में पराली जलाने के 3916 मामले सामने आए, जिसने साल 2020 का रिकार्ड भी तोड़ दिया।

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साल 2020 में 11 नवंबर को पराली जलाने के 2971 मामले दर्ज हुए थे। शुक्रवार को सबसे अधिक पराली जलाने के 523 मामले बठिंडा से सामने आए, जबकि सबसे कम केवल चार मामले होशियारपुर जिले में पाए गए। इसके बाद इस सीजन यानी 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 40677 पहुंच गई है। हालांकि यह साल 2021 के इसी अवधि के दौरान सामने आए 55573 मामलों के मुकाबले कम हैं। 
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पंजाब का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पिछले दो दिन से बेहद खराब श्रेणी में है। लुधियाना, खन्ना और मंडी गोबिंगढ़ का एक्यूआई तो गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था, जिससे यहां की हवा जहरीली हो गई थी और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बढ़ते प्रदूषण के कारण पिछले दो दिन धुएं की चादर फैली रही, जिससे खासतौर से पहले से ही फेफड़े व अस्थमा के शिकार मरीजों की बीमारी काफी बढ़ गई है। साथ ही विजिबिलिटी प्रभावित होने से लोगों को वाहन चलाने में भी दिक्कत हुई। इस प्रदूषण का कारण पराली जलाना व आतिशबाजी को माना जा रहा था। इस प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है, क्योंकि शुक्रवार को पंजाब में इस सीजन में सबसे अधिक 3916 पराली जलाने के मामले सामने आए। 
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इससे पहले दो नवंबर 2022 को पंजाब में पराली जलाने के सबसे अधिक 3634 मामले सामने आए थे। शुक्रवार को सबसे अधिक 523 पराली जलाने के मामले बठिंडा जिले से रहे, जबकि 446 मामलों के साथ मोगा दूसरे, 434 के साथ मुक्तसर तीसरे और  385 मामलों के साथ फाजिल्का चौथे नंबर पर रहा। वहीं इस सीजन में पराली जलाने के 5016 मामलों के साथ अब तक का टॉपर सीएम भगवंत मान का जिला संगरूर बना हुआ है। वहीं 3688 मामलों के साथ फिरोजपुर दूसरे, 3374 मामलों के साथ बठिंडा तीसरे और 3229 मामलों के साथ पटियाला चौथे नंबर पर बना है।


उधर, शुक्रवार को 203 एक्यूआई के साथ अमृतसर, 209 के साथ लुधियाना, 207 एक्यूआई के साथ मंडी गोबिंदगढ़ खराब श्रेणी में रहे, जबकि ओवरऑल पंजाब की बात करें, तो पंजाब का एक्यूआई 185 (दरम्यानी श्रेणी) में रहा।

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