लापरवाही: सिर पर मंडरा रहा ओमिक्रॉन का खतरा, पंजाब में 35 लाख ने नहीं ली वैक्सीन की दूसरी डोज
पंजाब में दो करोड़ छह लाख के करीब आबादी 18 साल के आयुवर्ग से ज्यादा की है, जो कोविड वैक्सीनेशन लगवाने के योग्य है। स्टेट टीकाकरण अधिकारी डा. बलविंदर कौर के मुताबिक इसमें में से 81 फीसदी आबादी को सेहत विभाग ने कवर कर लिया गया है।
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पंजाब में ओमिक्रॉन का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। सरकार के दावों के विपरीत 35 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्होंने तय तारीख निकल जाने के बावजूद अभी तक कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। इस तरह के लोगों को ही खास तौर से कवर करने के लिए सरकार की ओर से जोर शोर से शुरू की गई घर-घर दस्तक मुहिम ठप पड़ गई है। इससे दूसरी डोज के लिए आगे न आने वाले लोगों की लगातार संख्या बढ़ती जा रही है। इससे सरकार के साथ-साथ सेहत विभाग में हड़कंप है।
आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में दो करोड़ छह लाख के करीब आबादी 18 साल के आयुवर्ग से ज्यादा की है, जो कोविड वैक्सीनेशन लगवाने के योग्य है। स्टेट टीकाकरण अधिकारी डा. बलविंदर कौर के मुताबिक इसमें में से 81 फीसदी आबादी को सेहत विभाग ने कवर कर लिया गया है। 85 लाख से ज्यादा लोगों को कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज लगने के बाद पूरी तरह से वैक्सीनेट हो चुके हैं। करीब 35 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी तय तारीख निकल गई है। फिर भी वह कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। पटियाला जिले में करीब डेढ़ लाख ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है। गौरतलब है कि को वैक्सीन की दूसरी डोज 28 तो कोवीशील्ड की 84 दिनों बाद लगती है।
आशा वर्करों के हड़ताल पर जाने के कारण ठप पड़ी घर-घर दस्तक मुहिम
इस तरह के लोगों के लिए पंजाब सरकार की ओर से घर-घर दस्तक मुहिम शुरू की गई थी। जिसके तहत नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत काम करने वाली आशा वर्कर व अन्य स्टाफ घर-घर जाकर लोगों को मौके पर दूसरी डोज लगा रहे थे। लेकिन रेगुलर करने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से यह स्टाफ भी हड़ताल पर है। जिससे यह मुहिम फिलहाल ठप पड़ने से तय तारीख निकल जाने के बाद भी दूसरी डोज के लिए आगे न आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अलग अलग बहाने बना रहे हैं लोग
जिला टीकाकरण अफसर डॉ. वीनू गोयल ने कहा कि पहली डोज के बाद जो हल्का बुखार आदि होता है, शायद उसकी वजह से यह लोग वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इन सभी लोगों को संबंधित एसएमओ और डीसी दफ्तर की तरफ से फोन करके दूसरी डोज लगवाने को लगातार कहा जा रहा है। लेकिन यह लोग बहानेबाजी करके बच रहे हैं। कोई रिश्तेदारी में शादी होने तो किसी की मौत होने या फिर किसी जरूरी काम के चलते बाहर होने का बहाना बना रहा है।
ओमीक्रान के खतरे बीच दूसरी डोज न लगवाना हो सकता है घातक-डॉ. सोढ़ी
सिविल सर्जन डॉ. प्रिंस सोढ़ी के मुताबिक ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच कोविड वैक्सीनेशन की दूसरी डोज न लगवाना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि पहली डोज लगाने के बाद शरीर में जो एंटी बाडीज बनती हैं, उनका लेवल दूसरी डोज न लगवाने से नीचे गिर जाएगा। जिससे उस व्यक्ति को संक्रमण जल्दी पकड़ेगा।