{"_id":"614b5ec78ebc3efadf554b1b","slug":"200th-wap-7-electric-rail-engine-flagged-off-patiala-news-pkl4276707178","type":"story","status":"publish","title_hn":"२००वें डब्लयूएपी-७ इलेक्ट्रिक रेल इंजन को झंडी दिखा किया रवाना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
२००वें डब्लयूएपी-७ इलेक्ट्रिक रेल इंजन को झंडी दिखा किया रवाना
विज्ञापन
भारतीय रेलवे की एक उत्पादन इकाई पटियाला स्थित डीजल रेल इंजन आधुनिकीकरण कारखाना (डीएमडब्लयू) ने बुधवार को अपने 200वें 3-फेस 6000 एचपी आईजीबीटी आधारित डब्लयूएपी-7 इलेक्ट्रिक रेल इंजन को भारत सरकार की मेक इन इंडिया नीति का पालन करते हुए स्वदेशी तकनीक के साथ अपने परिसर से झंडी दिखाकर रवाना किया।
डीएमडब्लयू के प्रमुख मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एसएन दुबे ने इस 200वें डब्लयूएपी-7 इलेक्ट्रिक रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया।
इस मौके पर दुबे ने कहा कि भारतीय रेलवे अपने सभी मार्गों के पूर्ण विद्युतीकरण की राह पर चल पड़ा है। डब्लयूएपी-7 रेल इंजन भारतीय रेलवे का सबसे शक्तिशाली यात्री रेल इंजन है और 140 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से 24 कोच वाली ट्रेन को चलाने में सक्षम है। यह अधिक ऊर्जा कुशल होते हैं और गति ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करके ब्रेक लगाते समय विद्युत ऊर्जा को पुन: उत्पन्न करते हैं। साथ ही रेलवे नेटवर्क में आसपास के अन्य इलेक्ट्रिक इंजनों को शक्ति प्रदान करने के लिए इसे वापस रेलवे ओएचई नेटवर्क में फीड करते हैं।
दुबे ने इस मौके पर सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उत्पादन की इस गति के लिए टीम डीएमडब्लयू को बधाई दी और अपनी खुशी व्यक्त की। कहा कि डीएमडब्लयू भारतीय रेलवे की एक अनूठी उत्पादन इकाई है, जो उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ भारतीय रेलवे की किसी भी प्रकार की रोलिंग स्टॉक मांग को पूरा कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएमडब्लयू के प्रमुख मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एसएन दुबे ने इस 200वें डब्लयूएपी-7 इलेक्ट्रिक रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया।
इस मौके पर दुबे ने कहा कि भारतीय रेलवे अपने सभी मार्गों के पूर्ण विद्युतीकरण की राह पर चल पड़ा है। डब्लयूएपी-7 रेल इंजन भारतीय रेलवे का सबसे शक्तिशाली यात्री रेल इंजन है और 140 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से 24 कोच वाली ट्रेन को चलाने में सक्षम है। यह अधिक ऊर्जा कुशल होते हैं और गति ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करके ब्रेक लगाते समय विद्युत ऊर्जा को पुन: उत्पन्न करते हैं। साथ ही रेलवे नेटवर्क में आसपास के अन्य इलेक्ट्रिक इंजनों को शक्ति प्रदान करने के लिए इसे वापस रेलवे ओएचई नेटवर्क में फीड करते हैं।
विज्ञापन
दुबे ने इस मौके पर सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उत्पादन की इस गति के लिए टीम डीएमडब्लयू को बधाई दी और अपनी खुशी व्यक्त की। कहा कि डीएमडब्लयू भारतीय रेलवे की एक अनूठी उत्पादन इकाई है, जो उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ भारतीय रेलवे की किसी भी प्रकार की रोलिंग स्टॉक मांग को पूरा कर सकती है।
विज्ञापन