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अध्यापक रैली
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:29 PM IST
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प्रदेश भर से जुटे अध्यापकों ने की पोल खोल रैली
सांझा अध्यापक मोरचा का आंदोलन और मरणव्रत सातवें दिन में शामिल
तनख्वाहों में कटौती के फैसले को वापस लेने की मांग
शिक्षा सचिव को विभाग से हटाने की मांग की, टीचरों के साथ बदसलूकी के आरोप लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। एसएसए/रमसा, माडल और आदर्श स्कूलों के अध्यापकों की तनख्वाहों में कटौती करके रेगुलर करने के पंजाब सरकार के फैसले के खिलाफ सांझा अध्यापक मोर्चा का आंदोलन व मरणव्रत शनिवार को सातवेें दिन भी जारी रहा। शनिवार को प्रदेश भर से बड़ी गिनती में अध्यापक अपने परिवारों समेत पटियाला में जुटे और गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के नजदीक पक्के मोरचे वाले स्थान पर सरकार के खिलाफ पोल खोल रैली की। इस मौके पर सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की गई। देर शाम अध्यापकों ने बाजारों में से रोष मार्च निकाला।
प्रदेश कनवीनर सुखविंदर चाहल, प्रदेश को-कनवीनर हरदीप सिंह टोडरपुर, दीदार सिंह मुदकी, गगन राणू ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से एसएसए/रमसा अध्यापकों को पूरे ग्रेड में पक्का करने के बजाय उनकी तनख्वाहों में 65 से 75 प्रतिशत तक कटौती कर दी गई है। यह गलत फैसला है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। साथ ही पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट को बंद करके सिलेबस आधारित पढ़ाई लागू करके स्कूलों की शिक्षा को दोबारा पटरी पर लाने, स्टूडेंट्स के रहते सारे वजीफे और वर्दियों के लिए ग्रांटों की राशि बढ़ाकर जारी करने की भी मांग की गई। इस मौके पर अध्यापकों के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगाते हुए शिक्षा सचिव को विभाग से हटाने की मांग की गई। कहा कि मरणव्रत पर बैठे अध्यापकों की जानों के साथ सरकार व प्रशासन खिलवाड़ कर रही है। सरकार जल्द उनकी मांगें पूरा करे।
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सांझा अध्यापक मोरचा का आंदोलन और मरणव्रत सातवें दिन में शामिल
तनख्वाहों में कटौती के फैसले को वापस लेने की मांग
शिक्षा सचिव को विभाग से हटाने की मांग की, टीचरों के साथ बदसलूकी के आरोप लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। एसएसए/रमसा, माडल और आदर्श स्कूलों के अध्यापकों की तनख्वाहों में कटौती करके रेगुलर करने के पंजाब सरकार के फैसले के खिलाफ सांझा अध्यापक मोर्चा का आंदोलन व मरणव्रत शनिवार को सातवेें दिन भी जारी रहा। शनिवार को प्रदेश भर से बड़ी गिनती में अध्यापक अपने परिवारों समेत पटियाला में जुटे और गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के नजदीक पक्के मोरचे वाले स्थान पर सरकार के खिलाफ पोल खोल रैली की। इस मौके पर सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की गई। देर शाम अध्यापकों ने बाजारों में से रोष मार्च निकाला।
प्रदेश कनवीनर सुखविंदर चाहल, प्रदेश को-कनवीनर हरदीप सिंह टोडरपुर, दीदार सिंह मुदकी, गगन राणू ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से एसएसए/रमसा अध्यापकों को पूरे ग्रेड में पक्का करने के बजाय उनकी तनख्वाहों में 65 से 75 प्रतिशत तक कटौती कर दी गई है। यह गलत फैसला है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। साथ ही पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट को बंद करके सिलेबस आधारित पढ़ाई लागू करके स्कूलों की शिक्षा को दोबारा पटरी पर लाने, स्टूडेंट्स के रहते सारे वजीफे और वर्दियों के लिए ग्रांटों की राशि बढ़ाकर जारी करने की भी मांग की गई। इस मौके पर अध्यापकों के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगाते हुए शिक्षा सचिव को विभाग से हटाने की मांग की गई। कहा कि मरणव्रत पर बैठे अध्यापकों की जानों के साथ सरकार व प्रशासन खिलवाड़ कर रही है। सरकार जल्द उनकी मांगें पूरा करे।
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