Punjab: गर्मी में रिकॉर्ड मांग के बीच 1500 करोड़ की बिजली चोरी, इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सरकार से की ये मांग
पंजाब में इस बार पिछले कईं सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए भीषण गर्मी पड़ी है। जून के महीने में लगातार कईं दिनों तक झुलसा देने वाली लू पड़ी। इसके बाद जुलाई महीने में सामान्य के मुकाबले काफी कम बारिश पड़ी। इसका नतीजा यह रहा कि इस बार बिजली की मांग ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज करते हुए 16000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई थी।
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पंजाब में इस बार पड़ी भीषण गर्मी के चलते दर्ज की गई रिकार्ड बिजली की मांग के बीच अप्रैल से लेकर अब तक 1500 करोड़ की बिजली चोरी हो गई है। तकरीबन 2100 मिलियन यूनिट बिजली की चोरी हुई है।
इसका बड़ा कारण है कि 300 यूनिट मुफ्त लेने के लिए एक ही घर में दो-दो कनेक्शन ले रखे हैं। खपतकारों की ओर से अपने दो महीनों के बिजली बिल को 600 यूनिट से कम रखने के लिए मीटरों की रीडिंग को कम करा लिया जाता है। इसमें पावरकाॅम के अपने ही मीटर रीडरों की भी मिलीभगत लगातार सामने आती रही है, जो पैसों के लालच में मीटरों के साथ छेड़छाड़ कर रीडिंग पीछे कर देते हैं। पिछले साल भी पावरकाॅम ने करीब 45 मीटर रीडरों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
पंजाब में सालाना 2600 करोड़ की हो रही है बिजली चोरी-अधिकारी
पावरकाॅम के अधिकारी के मुताबिक गर्मी के सीजन में पहले पांच से छह महीनों में बिजली की मांग ज्यादा रहती है। इसलिए इस दौरान बिजली चोरी भी बढ़ जाती है। उन्होंने खुलासा किया कि पंजाब में सालाना करीब 2600 करोड़ की बिजली चोरी हो रही है। साथ ही माना कि मीटर रीडरों की मिलीभगत लगातार सामने आ रही है, जिनके खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई भी हो रही है। आगे कहा कि अगर असल में बिजली चोरी रोकनी है तो राजनीतिक हस्तक्षेप पर रोक लगानी बेहद जरूरी है। बिजली चोरी के काफी केसों में ऐसा होता है कि संबंधित हलके के किसी नेता का फोन आ जाता है कि कार्रवाई न की जाए।
बीते साल के मुकाबले अधिकतम मांग में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज
साल 2023-24 की तुलना में इस साल दर्ज की गई अधिकतम बिजली की मांग (मेगावाट में) इस तरह से रही।
महीना 2023-24 2024-25 (वृद्धि प्रतिशत में )
अप्रैल 8143 10061 24
मई 11940 14519 22
जून 15325 16058 5
जुलाई 14831 16037 8
अगस्त 15220 15466 2
वहीं अप्रैल से पांच सितंबर तक साल 2023-24 में बिजली की कुल अधिकतम मांग 15325 मेगावाट रही थी, वहीं 2024 में इस अवधि के दौरान मांग 16058 मेगावाट दर्ज की गई है। यह पिछले साल के मुकाबले 5 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है।
अप्रैल से जून तक 14.72 प्रतिशत रहे एटीएंडसी घाटा
पावरकाॅम की ओर से अप्रैल से जून 2024 तक सभी सर्कलों, डिवीजनों, सब डिवीजनों, फीडरों, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों के ऑडिट के मुताबिक 19614.01 मिलियन किलोवाट आवर्स बिजली सप्लाई की गई, लेकिन बिलिंग 15747.73 मिलियन किलोवाट आवर्स की हुई। इसके मुताबिक 3866.28 मिलियन किलोवाट आवर्स का ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन घाटा रहा है। यह तकरीबन 19.71 प्रतिशत बनता है, वहीं एग्रीगेट टेक्निकल व कर्मिशयल घाटा (एटीएंडसी) 14.72 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
बाॅर्डर में सबसे ज्यादा बिजली चोरी
पंजाब के बाॅर्डर एरिया में सबसे अधिक बिजली चोरी हो रही है। बाॅर्डर जोन के तरनतारन सर्कल की डिवीजनें भिखीविंड व पट्टी इस मामले में सबसे आगे हैं। वहीं वेस्ट जोन में बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब सर्कलों में बिजली चोरी ज्यादा है। यहां तक कि बादल डिवीजनों में 17 फीडर ऐसे हैं, जहां 50 से 60 फीसदी लास है।
साल 2023-24 में 50 प्रतिशत घाटे वाले फीडरों की संख्या बढ़कर 362 से 414 हो गई है। पावरकाॅम के बाॅर्डर व वेस्ट जोन में 158 फीडर ऐसे हैं, जहां लाइनलास 60 प्रतिशत से अधिक हो गया है। 50 से 60 प्रतिशत घाटे वाले 256 फीडर हैं, जिनमें 133 वेस्ट, 90 बाॅर्डर और 33 साउथ जोन में हैं। 25 से 50 प्रतिशत घाटे वाले 831 फीडर हैं, जिनमें 565 वेस्ट जोन और 266 साउथ जोन में हैं।
अधिकारियों के मुताबिक बाॅर्डर के इलाकों में खपतकारों की ओर से बिजली मुलाजिमों को चेकिंग नहीं करने दी जाती है। घरों में लगे बिजली मीटरों को बाहर निकालने नहीं दिया जा रहा है। जिस वजह से बिजली चोरी बढ़ रही है।
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर पंजाब में बढ़ती बिजली चोरी पर चिंता जताई है। एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल व प्रेसीडेंट इंजीनियर जसवीर सिंह धीमान ने मांग की है कि एक ही घर में एक ही खपतकार को मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ मिले। साथ ही अगर कोई खपतकार बिजली चोरी करता पकड़ा जाता है, तो उसे पांच सालों के लिए मुफ्त सुविधा का लाभ न दिया जाए। इसके साथ ही आयकर रिटर्न भरने वाले खपतकारों को मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ न दिया जाए।