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व्यापारमंडल का क्रशर मालिकों को समर्थन
पठानकोट
Updated Sun, 27 Oct 2013 10:14 PM IST
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खनन पॉलिसी और पर्चे दर्ज करने के विरोध में केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर चुके क्रशर मालिकों को रविवार को व्यापार मंडल ने अपना समर्थन दिया। क्रशर एसोसिएशन का धरना प्रदर्शन रविवार को आठवें दिन भी जारी रहा। व्यापारमंडल के प्रधान राजेश शर्मा के नेतृत्व में सभी व्यापारी सुबह लेबर शेड में क्रशर मालिकों की ओर से दिए जा रहे रोष धरने में शामिल हुए। इस अवसर पर व्यापारियों ने कहा कि वे क्रशर मालिकों के साथ हैं। क्रशर एसोसिएशन के प्रधान विजय पासी ने कहा कि व्यापारमंडल का सहयोग मिलने से क्रशर एसोसिएशन के संघर्ष को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की आपसी लड़ाई का शिकार क्रशर मालिकों को होना पड़ रहा है। जिला पठानकोट में क्रशर मालिकों की ओर से कहीं भी अवैध माइनिंग नहीं की जा रही है। क्रशर मालिक उपभोक्ताओं की डिमांड पूरी करने के लिए कच्चा माल जम्मू- कश्मीर से ला रहे हैं। बावजूद, इसके उन्हें अवैध खनन के नाम पर परेशान किया जा रहा है। कभी केंद्र की टीम और कभी राज्य सरकार की टीम और कभी माइनिंग विभाग की टीम उनकेे क्रशरों पर छापामारी कर क्रशर मालिकों को प्रताड़ित कर रही है।
पासी ने कहा कि इतना ही नहीं राज्य सरकार ने माइनिंग पॉलिसी बना डाली और क्रशरों पर पर्चे दर्ज कर दिए। पासी ने कहा कि क्रशर इंडस्ट्री के साथ सैकड़ों परिवार जुड़े हैं और इस इंडस्ट्री के तबाह होने के बाद यह परिवार बेरोजगार हो जाएंगे, यह सब सरकार को नजर नहीं आ रहा। क्रशर मालिकों ने कहा कि वे अपने हकों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
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इस अवसर पर पंकु महाजन, युद्धवीर सिंह, भानू प्रताप, दलबीर सिंह, जगदीश राज, संजय आनंद, भरत, संजीव कुमार, विपिन कुमार, भान सिंह, फतेह सिंह, नत्था सिंह और सुखविंदर सिंह मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की आपसी लड़ाई का शिकार क्रशर मालिकों को होना पड़ रहा है। जिला पठानकोट में क्रशर मालिकों की ओर से कहीं भी अवैध माइनिंग नहीं की जा रही है। क्रशर मालिक उपभोक्ताओं की डिमांड पूरी करने के लिए कच्चा माल जम्मू- कश्मीर से ला रहे हैं। बावजूद, इसके उन्हें अवैध खनन के नाम पर परेशान किया जा रहा है। कभी केंद्र की टीम और कभी राज्य सरकार की टीम और कभी माइनिंग विभाग की टीम उनकेे क्रशरों पर छापामारी कर क्रशर मालिकों को प्रताड़ित कर रही है।
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पासी ने कहा कि इतना ही नहीं राज्य सरकार ने माइनिंग पॉलिसी बना डाली और क्रशरों पर पर्चे दर्ज कर दिए। पासी ने कहा कि क्रशर इंडस्ट्री के साथ सैकड़ों परिवार जुड़े हैं और इस इंडस्ट्री के तबाह होने के बाद यह परिवार बेरोजगार हो जाएंगे, यह सब सरकार को नजर नहीं आ रहा। क्रशर मालिकों ने कहा कि वे अपने हकों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
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इस अवसर पर पंकु महाजन, युद्धवीर सिंह, भानू प्रताप, दलबीर सिंह, जगदीश राज, संजय आनंद, भरत, संजीव कुमार, विपिन कुमार, भान सिंह, फतेह सिंह, नत्था सिंह और सुखविंदर सिंह मौजूद रहे।